Tuesday, April 26, 2022

एक बात हमेशा ध्यान रखें समर्पण से ही सभी को साधा जाता है,,

आप सभी मित्रों को जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश,,
#शाबरमंत्र #वैदिकमंत्र अन्य मंत्र साधनाएं
मित्रों यह ब्लॉग हमने आमजन की तंत्रो की भ्रान्ति

को लेकर शुरू किया था ताकि सरल मंत्रों में जिनमें उग्रता नहीं है केवल अपनी ऊर्जा को विकसित कर सके और आप सभी को हर विधान की जानकारी मिल सके बाकी कोई भी गुप्त और उग्र साधनाएं एक गुरू अपने शिष्यों तक समिति रखता है इस कुछ साधनाओं में हमने पुणे विधी विधान नहीं दिया गया पर कुछ महान विद्वान हैं जो ये कहते हैं कि फिर यहां फलां मंत्र क्यू दिया गया तो उन महानुभाव से निवेदन है कि जिन मंत्रो में यहां पुणे विधी विधान नहीं दिया गया है चाहे वो शाबर मंत्र हो या वैदिक या चाहे अन्य कोई हम केवल हमारे शिष्यों की जिज्ञासा पुणे रूप से शांत करने के लिए बाध्य है बाकी यहां सार्वजनिक जितना जरूरी है उतना ही दिया गया है हमे आप कोल करते हैं तो आपका का भाव क्या रहता है वो जरूरी है आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं पर कुछ उग्र साधनाएं इतर योनी साधनाएं आमजन की जानकारी मात्र के लिए है बाकी पुणे जानकारी हम केवल हमारे शिष्यों तक ही सीमित रखते हैं ,, इसलिए फालतू सवाल पुछकर अपना और हमारा समय नष्ट ना करे और अपनी ज्यादा अक्लमंदी का परिचय तो बिल्कुल ना दे ,,
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश,, 🙏🌹

Friday, April 15, 2022

बाबा हनुमानजी के जन्मोत्सव पर क्या करे क्या ना करें

मित्रों जैसा कि आप सभी को पता है कि सोलह अप्रैल को बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव है पिछले कई सालों से हम सभी इस दिन को जयंती की जगह, जन्मदिवस या अवतरण दिवस या जन्मोत्सव के रुप मनाते आ रहे हैं हर बार, हम सभी को कुछ ना कुछ उपाय देते आ ही रहे हैं,,


 बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव 2022 कब है आईये जानते हैं और जानते हैं कुछ मंत्र विधान और जानते हैं तिथि ,,पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व,16 अप्रैल 2022 सनातनी हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव धूमधाम मनाया जाएगा ज
 इस बार बाबा हनुमानजी,का अवतरण दिवस शनिवार को है, सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार आज भी पृथ्वी पर  बाबा हनुमानजी  मौजूद हैं और वो चिरंजीवी है पुरे भारतवर्ष में बाबा हनुमानजी जन्मोत्सव का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है , सनातन धर्म धार्मिक ग्रंथों की मानें तो चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन बाबा हनुमान जी का प्राकट्य हुआ था यानी अवतरण दिवस है सनातन धर्म के मान्यता है कि बाबा हनुमानजी के जन्मोत्सव के दिन विधि विधान से जो भी बाबा हनुमानजी की पूजा अर्चना करते हैं तो उनके सभी विघ्न बाधाओं का अंत या नाश होता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है,

इस दिन कुछ विशेष उपाय कर आप ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को दूर कर सकते हैं। इतना ही नहीं शिक्षा, व्यापार व नौकरी के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए भी हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है , इस दिन सभी भक्त साधक संत तपस्वी, संन्यासी पूरे दिन बाबा हनुमानजी की भक्ति में लीन रहते हैं और सुंदरकांड , बंजरग बाणा, हनुमान अष्टक, संकट मोचन, हनुमंत बीसा राम रक्षा स्तोत्र,और अन्य मंत्र विधान का पाठ करते हैं तो आईये नादान बालक की कलम के माध्यम से जानते हैं चैत्र मास 2022 में कब है बाबा हनुमानजी के जन्मोत्सव का, शुभ मुहूर्त और महत्व ,,
सनातन धर्म हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जायेगा इस बार बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव,
16 अप्रैल 2022, शनिवार को है,
पूर्णिमा तिथि 16 अप्रैल 2022, शनिवार को प्रात: 2 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर देर रात्रि 12 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी
इस बार की बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव रवि योग, हस्त एवं चित्रा नक्षत्र में है 16 अप्रैल को हस्त नक्षत्र सुबह 08:40 बजे तक है, उसके बाद से चित्रा नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन रवि योग प्रात: 05:55 बजे से शुरू हो रहा है वहीं इसका समापन 08:40 बजे होगा, समझ में आ जाये इसलिए दुबारा लिखा है,
तो मित्रो आइए जानते हैं कि बाबा हनुमानजी का जन्मोत्सव कैसे मनाया जाये नीचे व्रत एवं पूजा विधि का विवरण दिया जा रहा है:
1.  इस दिन तात्कालिक तिथि (राष्ट्रव्यापिनि) को लिया जाता है।
2.  व्रत की पूर्व रात्रि को ज़मीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ बाबा हनुमान जी का स्मरण करें।
3.  प्रात: जल्दी उठकर दोबार भगवान राम-माता सीता एवं बाबा हनुमान जी को याद करें।
4.  जल्दी सबेरे स्नान ध्यान करें।
5.  अब हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें।
6.  इसके बाद, पूर्व की ओर बाबा हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें, या किसी मंदिर में जाये
7.  अब विनम्र भाव से बाबा हनुमानजी की प्रार्थना करें।
8.  आगे षोडशोपाचार की विधि विधान से बाबा हनुमानजी की आराधना करें।
आईये जानते हैं बाबा हनुमानजी को सिन्दूर क्यों पसंद है बाबा हनुमान जी को ओर चोला क्यु चढाया जाता है ओर लाल वस्त्र ही क्यु.. ॽ
भगवान् प्रभु श्री राम के भक्तो में परम प्रतापी श्री बाबा हनुमान जी परम विशेष हैं | कलियुग में उनकी महिमा का गुणगान करने से बड़े से बड़ा कष्ट कट जाता है और मनुष्य को परम शान्ति की प्राप्ति होती है |
रामायण की एक कथा के अनुसार एक बार देवी माता सीता श्रृंगार कर रही थीं की अचानक पवन पुत्र उनके कक्ष में प्रविष्ट हुए | उन्होंने वहाँ देखा की माँ जानकी सारा श्रृंगार करने के उपरान्त मांग में सिन्दूर डालती हैं | इस पर श्री बाबा हनुमान जी से रहा नहीं गया और वह जिज्ञासा वश माता से पूछते हैं, " हे माता! आप सिन्दूर क्यों लगाती हो ? इसको लगाने से क्या होता है ?"
अचानक देवी सीता माता को श्री बाबा हनुमान जी के इस अटपटे सवाल का कोई जवाब नहीं सूझ पडा | थोड़ी देर माता शांत रहीं और फिर वात्सल्य भरे शब्दों में कहा, " हे आंजनेय! यह सिन्दूर है | भगवान प्रभु श्री राम चन्द्र जी को सिन्दूर बहुत ही प्रिय है | इसीलिए मै उनकी प्रसन्नता के लिए सिन्दूर लगाती हूँ और इससे उनकी उम्र बढती है |”
बाबा श्री हनुमान जी कुछ नहीं बोले | चुपचाप वापस अपने निवास पर आये और विचार करने लगे की माता थोडा-सा सिन्दूर लगाती हैं और प्रभु इतना प्रसन्न होते हैं और उनकी आयु भी बढती है... तो यदि मैं ज्यादा सिन्दूर लगाऊं तो प्रभु और भी ज्यादा प्रसन्न होंगे और अमर भी हो जायेंगे| ऐसा विचार कर उन्होंने अपने पूरे शरीर पर ही सिन्दूर का गाढा लेप लगा लिया| फिर वह भगवान प्रभु श्री राम के पास पहुंचे | सब लोग श्री बाबा हनुमान जी को देख कर हंसने लगे | भगवान प्रभु श्री राम ने पूछा, " हनुमान! तुमने यह क्या वेष बना रखा है?” बाबा श्री हनुमान जी ने उत्तर दिया, "माता जी ने बताया है कि आप को सिन्दूर बहुत ही प्रिय है | इसीलिए मैंने अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर लपेट लिया है |”
भगवान प्रभु श्री राम बाबा हनुमान जी क़ी इस सरलता पर बहुत ही प्रसन्न हुए और उन्होंने यह आशीर्वाद दिया," हनुमान ! तुम्हारे जैसा न मेरा भक्त हुआ है और न होगा | जो कोई भी हनुमान के इस सिन्दूर लपेटे रूप का दर्शन एवं पूजन करेगा उसे विद्या, बुद्धि तथा रोग व्याधि से मुक्ति प्राप्त होगी |"
प्रभु के परम भक्त श्री बाबा हनुमान जी की महिमा के बारे में कुछ कहना सूर्य को रौशनी दिखाने के समान है | बाबा श्री हनुमंत पूजन के विशेष दिन शनि और मंगल वार हैं |
लाल देह लाली लसै, अरु धरि लाल लंगूर |
बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ||
ॐ आञ्जणेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि | तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ||

ॐ हं हनुमते नमः

संकट मोचन पवन सुत हनुमान की जय हाथ मे सोटा लाल लंगोट वाले की जय हो जय हो जय जयकार हो ,जय माँ जय बाबा की नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी आगे जारी रहेगा,, मां जानकी ने बाबा हनुमानजी को अमरता का वरदान भी दिया था, इसलिए वो इस पुथ्वी पर कण कण में विधामान है बाकी राम राम जहां बोला जाये वहां भी वो मौजूद हैं, मित्रों एक बात हमेशा ध्यान रखें बाबा हनुमानजी की पूजा करते समय राम दरबार का पूजन अवश्य करें  क्योंकि भगवान  राम जी की पूजा के बिना बाबा हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है, 
वहीं #संतान प्राप्ति के लिए भी हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों की मानें तो इस दिन बजरंगबली की पूजा के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देने व पूजन करने से #निसंतान को #संतान की प्राप्ति होती है और संतान संबंधी सभी समस्याओं का निवारण भी होता है,
बजरंगबली के 12 नाम का स्मरण करने से ना सिर्फ उम्र में वृद्धि होती है बल्कि समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होती है. 12 नामों का निरंतर जप करने वाले व्यक्ति की श्री हनुमानजी महाराज दसों दिशाओं एवं आकाश-पाताल से रक्षा करते हैं.

- प्रात: काल सो कर उठते ही जिस अवस्था में भी हो बारह नामों को 11 बार लेनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है.

-नित्य नियम के समय नाम लेने से इष्ट की प्राप्ति होती है.

- दोपहर में नाम लेनेवाला व्यक्ति धनवान होता है. दोपहर संध्या के समय नाम लेनेवाला व्यक्ति पारिवारिक सुखों से तृप्त होता है.

- रात्रि को सोते समय नाम लेनेवाले व्यक्ति की शत्रु से जीत होती है.

- उपरोक्त समय के अतिरिक्त इन बारह नामों का निरंतर जप करने वाले व्यक्ति की श्री हनुमानजी महाराज दसों दिशाओं एवं आकाश पाताल से रक्षा करते हैं.

-लाल स्याही से मंगलवार को भोजपत्र पर बारह नाम लिखकर मंगलवार के दिन ही ताबीज बांधने से कभी सिरदर्द नहीं होता. गले या बाजू में तांबे का ताबीज ज्यादा उत्तम है. भोजपत्र पर लिखने वाला पेन नया होना चाहिए.

प्रस्तुत है बजरंग बली के 12 चमत्कारी नाम :
1 ॐ हनुमान

2 ॐ अंजनी सुत

3 ॐ वायु पुत्र

4 ॐ महाबल

5 ॐ रामेष्ठ

6 ॐ फाल्गुण सखा

7 ॐ पिंगाक्ष

8 ॐ अमित विक्रम

9 ॐ उदधिक्रमण

10 ॐ सीता शोक विनाशन

11 ॐ लक्ष्मण प्राण दाता

12 ॐ दशग्रीव दर्पहा
नाम तो और भी कई है पर बारह नामों में यही आते हैं,,
और अन्य मंत्र ,,
हनुमान जी का मूल मंत्र:- ओम ह्रां ह्रीं ह्रं ह्रैं ह्रौं ह्रः॥ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।
हनुमान जी का कवच मूल मंत्र
श्री हनुमंते नम:

शत्रु, रोग और भय नाश के लिए हनुमान मंत्र
ओम हं हनुमंताय नम:. ओम नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा.

मनोकामना पूर्ति हनुमान मंत्र
महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये.

मंत्र जाप विधि
ये बाबा हनुमान जी के प्रभावशाली मंत्र हैं. बाबा हनुमान जी रुद्रावतार हैं. उनके इन मंत्रों का जाप रुद्राक्ष की माला से करनी चाहिए. मंत्र जाप में तन, मन और वचन की शुद्धता जरूरी है. इसके साथ ही मंत्रों का सही उच्चारण करना चाहिए. इन मंत्रों का जाप एकांत और शांत जगह पर करें ताकि कोई व्यवधान न हो.
ना कोई पूजा, ना कोई तंत्र, जपें बस यह राशि मंत्र
अक्सर कई ज्योतिष उपाय एक साथ पढ़ने पर व्यक्ति असमंजस में पड़ जाता है कि आखिर उसके लिए क्या उचित है और क्या अनुचित।
व्यक्ति अगर अपनी राशि के अनुसार मंत्र जाप करे तो निसंदेह शीघ्र सफलता मिलती है। मंत्र पाठ से व्यक्ति कई प्रकार के संकट से मुक्त रहता है। आर्थिक रूप से संपन्न हो जाता है।
साथ ही जो लोग आपकी राह में बाधा उत्पन्न करते हैं वह भी कमजोर हो जाते हैं। प्रस्तुत है आपकी राशि के अनुसार अचूक दिव्य मं‍त्र, इसे जपने के पश्चात किसी अन्य पूजा या तंत्र की आवश्यकता नहीं है।
किस राशि का कौन-सा मंत्र :
मेष : ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायण नम:
वृषभ : ॐ गौपालायै उत्तर ध्वजाय नम:
मिथुन : ॐ क्लीं कृष्णायै नम:
कर्क : ॐ हिरण्यगर्भायै अव्यक्त रूपिणे नम:
सिंह : ॐ क्लीं ब्रह्मणे जगदाधारायै नम:
कन्या : ॐ नमो प्रीं पीताम्बरायै नम:
तुला : ॐ तत्व निरंजनाय तारक रामायै नम:
वृश्चिक : ॐ नारायणाय सुरसिंहायै नम:
धनु : ॐ श्रीं देवकीकृष्णाय ऊर्ध्वषंतायै नम:
मकर : ॐ श्रीं वत्सलायै नम:
कुंभ : ॐ श्रीं उपेन्द्रायै अच्युताय नम:
मीन : ॐ क्लीं उद्‍धृताय उद्धारिणे नम:
जो लोग मंगलवार और शनिवार का व्रत रखते हैं, उनको बाबा हनुमान जी के पाठ भी करने चाहिए. ऐसा करने से व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है और उस व्रत का महत्व भी पता चलता है. नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी तो मित्रों आप सभी को महाबली वीरो के वीर महावीर बाबा हनुमान जी के अवतरण दिवस यानि जन्मदिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएं ओर हार्दिक बधाई,,
कोई ग़लती या चुक हो गयी हो तो क्षमा चाहते हैं और कोई इनसे अलग क्रिया भी करना चाहते हैं तो वो हमें कभी भी दिन में बारह बजे से शाम पांच बजे तक कोल कर सकते हैं,,mobile number 9829026579 
देरी से पोस्ट के लिए क्षमा चाहते हैं हमारे एक्सीडेंट की वजह से हाथ में प्रोब्लम है,,आप सभी को जय मां बाबा की 🙏🌹🙏
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🌹🙏🌹

Thursday, March 31, 2022

चैत्र नवरात्रि कब से है और क्या उपाय करें और क्या रखे सावधानियों

मित्रों आप सभी को सनातन हिन्दू धर्म के नववर्ष 2079 की बहुत बहुत शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई मां बाबा आप सभी को स्वास्थ्य और निरोगी रखे यही मां बाबा से हमारी प्रार्थना है,, 🌹

मित्रों इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 को शनिवार के दिन से शुरू हो रहे हैं जो 11 अप्रैल 2022 को सोमवार के दिन समाप्त होंगे। वहीं 10 अप्रैल को राम नवमी मनाई जाएगी।
मित्रों सबसे पहले नवरात्रि के पहले दिन घट स्‍थापना की जाती है. याद रखें कि यह कलश स्थापना ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व कोण में करें. वास्‍तु शास्‍त्र के में ईशान कोण को पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ और उत्तम माना गया है. इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
नवरात्रि के दौरान भक्त माता दुर्गा के 9 रूपों की खास पूजा अर्चना करते हैं। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इस बार की चैत्र नवरात्रि बेहद खास और फलदायी साबित होगी क्योंकि इस साल चैत्र नवरात्रि में ग्रहों के योग से विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है मित्रों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि 2022 चैत्र नवरात्रि शुरू होने वाली है चैत्र नवरात्रि गर्मी के मौसम की शुरुआत करता है नवरात्रि में विभिन्न देवी देवताओं के अनुष्ठान होते हैं पुरा सनातन धर्म समुदाय माता और किसी भी देवी देवताओं को प्रसन्न करने के साधना पुजा, अनुष्ठान करते हैं और देवी देवताओं के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है और साधना ही की जाती है हिंदू पुराण और ग्रंथों के अनुसार चैत्र नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण नवरात्रि हैं और रामायण के अनुसार भगवान राम ने भी इसी चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना कर रावण का वध कर विजय प्राप्ति की थी इसी कारण वर्ष चैत्र नवरात्रि पूरे भारत के पूरे विश्व में धूमधाम से मनाई जाती है और इसी चैत्र नवरात्रि के नवमी को रामनवमी भी कहा जाता है जिस दिन सिद्धिदात्री की पूजा आराधना व साधना की जाती है नवरात्रि नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो रही है जो 11 अप्रैल तक दसमी तक रहेगी दसवीं के दिन भैरव पूजा पण पूर्णाहुति गिना जाता है इस बार मां की सवारी घोड़े पर आ रही है उससे क्या फर्क पड़ता है पूजा में क्या विशेष करें वैसे तो हम हर बार नवरात्रि की पोस्ट करते हैं  हैं और यहां कुछ उपाय भी बताते हैं यह सभी उपाय और टोटके अति फलदाई होते हैं इसलिए जो करो सोच समझकर करें, आज हम केवल 2 तारीख को घट स्थापना कब करें और क्या क्या उपाय करने चाहिए वह देखने इस दिन घट स्थापना के लिए सूर्योदय काल से लेकर 12:00 बजे 28 मिनट तक कलश स्थापना कर ली जाए अति उत्तम रहेगा यदि शुभ चौघड़िया मैं की जाई तो 7:30 बजे से लेकर 9:00 बजे तक और दोपहर में 12:00 से लेकर 12:28 तक यही सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है और नवरात्रि का व्रत अगर 11 अप्रैल दिन सोमवार को दशमी तिथि में तोड़ा जाए तो अच्छा है क्योंकि नवरात्रि इस बार खंडित नहीं है और माता के घोड़े पर आगमन का जो मतलब होता है सामाजिक को समाज में अस्थिरता कई दुर्घटनाएं होगी आम जनमानस के सुखों में कमी की वृद्धि होगी असली माता का पूजनीय साधना करके उनसे शमा याचना के लिए प्रार्थना करें अति लाभदायक होगा,
इस साल चैत्र नवरात्रि के दौरान सभी भक्त गण माता दुर्गा के 9 रूपों की और सिद्ध विधा अष्टलक्ष्मी की खास पूजा अर्चना करते हैं  ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इस बार की चैत्र नवरात्रि बेहद खास और फलदायी साबित होगी क्योंकि इस साल चैत्र नवरात्रि में ग्रहों के योग से विशेष संयोग का निर्माण हो रहा है जिसमें रवि पुष्य, सर्वथसिद्ध योग, यह सब विशेष रहेगे, मित्रों इस दिन, हिंदू देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं भक्तों के लिए चैत्र नवरात्रि का बहुत धार्मिक महत्व है हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वह दिन है जब दुनिया अस्तित्व में आई थी। अलग-अलग राज्य इस त्योहार को अलग-अलग नामों से पहचानते हैं महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के नाम से जाना जाता है जबकि कश्मीर में इसे नवरेह के नाम से जाना जाता है ,इस बार नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं तो माता का वाहन घोड़ा होगा ,वो, मान्यता है कि मां दुर्गा जब घोड़े पर सवार होकर आती है तो युद्ध के हालात बनते हैं बिमारियों में वुर्द्धी होती है  इस बार नवरात्र का समापन सोमवार को हो रहा है तथा इस लिहाज से मां दुर्गा भैंसे की सवारी से प्रस्थान करती हैं, जिससे देश में रोग और कष्ट बढ़ता है। ऐसी मान्यता है।
चैत्र नवरात्रि 2022 घटस्थापना मुहूर्त
सुबह में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त: 06 बजकर 10 मिनट से सुबह 08 बजकर 31 मिनट तकदोपहर में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त: 12:00 बजे से 12 बजकर 50 मिनट तक
दिन 1: घटस्थापना / प्रतिपदा- रंग- लाल
दिन 2: द्वितीया- रंग- रॉयल ब्लू
दिन 3: तृतीया- रंग- पीला
दिन 4: चतुर्थी- रंग- हरा
दिन 5: पंचमी- रंग- ग्रे
दिन 6: षष्ठी- रंग- नारंगी
दिन 7: सप्तमी- रंग- सफेद
दिन 8: अष्टमी- रंग- गुलाबी
दिन 9: नवमी- रंग- स्काई ब्लू
क्या करे और क्या ना करें मुर्हुत और उपाय जानते हैं 
मित्रों इस बार की नवरात्रि में खास बात यह है कि इस बार चैत्र नवरात्रि के व्रत में किसी भी तिथि का क्षय ना होने से पूरे नौ दिनों तक मां की पूजा अर्चना होगी। वैसे तो पूर नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र में शक्ति की आराधना सभी करते हैं वहीं कई लोग व्रत उपवास रखकर माता को प्रसन्न करते हैं नवरात्रि में आध्यात्मिक शक्तियां और सुख समृद्धि को प्राप्त करने के लिए पूजा-पाठ साधना मंत्र विधान इत्यादि किया जाता है
हर नवरात्रि में माता की आराधना के साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए लोगों में अलग-अलग टोटके क्रिया साधना कराने की भी प्रथा होती है माना जाता है कि नवरात्रि में यदि कुछ अच्छे और विशेष कार्य हेतु कोई टोटके क्रिया किया जाए तो जो समस्या है उसकी पीड़ा शीघ्र समाप्त हो जाती हैं आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही टोटकों के और क्रियाओं के बारे में विधान,
मित्रों घर परिवार में रोग आदि समस्या के लिए ,#पति-पत्नी के बीच या घर-परिवार में संबंध अच्छे न हो या रोग घर में बड़ी परेशानी बन गए हों तो नवरात्रि में इस उपाय का प्रयोग करें नवरात्रि के दिनों में प्रतिदिन स्नान आदि कर नीचे दिए हुए मंत्र को पढ़ते हुए 108 बार अग्नि में घी से आहुतियां दें इससे यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा  इसके बाद प्रतिदिन नित्य सुबह उठकर पूजा के समय इस मंत्र का 21 बार जप नियमित करें। संभव हो तो अपने परिवार के सदस्स्यों से भी इस मंत्र का जप करने के लिए कहें इससे जीवन भर परिवार में सभी के आपस में संबंध मधुर रहेंगे और स्वास्थ्य सम्बंधित कष्ट दूर रहेंगे ,
सब नर करहिं परस्पर प्रीति। 
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।
आर्थिक लाभ के लिए
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के दिन आप किसी शांति वाले स्थान पर उत्तर दिशा की ओर अपना मुख कर पीले आसन पर बैठ जाएं अपने सामने तिल के तेल से 9 दीपक जलाएं और उन दीयों में इतना तेल हो जब तक आप साधना कर रहे हो तब तक दीये जलते रहें। इन 9 दीयों के सामने लाल चावल बिछाकर उस पर श्रीयंत्र रखें इस श्रीयंत्र की कुमकुम, फूल, धूप तथा दीप से पूजा करें। इस कार्य के बाद एक तांबे की प्लेट पर कुमकुम से स्वस्तिक बनाकर उसकी पूजा करें। तब श्रीयंत्र को अपने घर के पूजा स्थल में स्थापित कर दें तथा शेष बची पूजा सामग्री को जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग से आपको शीघ्र ही आकस्मिक धन लाभ प्राप्त होगा
अच्छी नौकरी पाने के लिए
नवरात्रि में सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग का ऊनी आसन बिछाकर उस पर अपना मुख पूर्व दिशा की और कर बैठ जाएं अब अपने सामने पीला वस्त्र बिछाकर उस पर 108 दानों वाली स्फटिक की माला रख दें तथा इस पर केसर और केवड़े का इत्र छिड़ककर माला की पूजा करें। माला को धूप, दीप और अगरबत्ती दिखाकर इस मन्त्र का जाप करें
'ऊं ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा'
इस मंत्र का 108  बार जाप करें। इस प्रकार निरंतर 9 दिन तक जप करने से वह माला सिद्ध हो जाएगी। इसके बाद आपको जब भी किसी साक्षात्कार (इंटरव्यू) देने जाना हो या किसी विशेष से भेंट करने जाना हो तो इस माला को धारण कर जाएं। ऐसा करने से साक्षात्कार (इंटरव्यू) या अन्य किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त हो जाएगी 
नवरात्रि के दौरान व्‍यापारी अपने ऑफिस-दुकान के मैन गेट पर एक बर्तन में पानी भरकर पूर्व या उत्तर दिशा में रख दें. साथ ही पानी में लाल और पीले फूल डाल दें. इससे बिजनेस में तरक्‍की मिलती है. 
चैत्र नवरात्रि के 9 दिन पूरे होने के बाद घर में कन्या पूजन जरूर करें. कन्‍याओं को सम्मानपूर्वक भोजन कराएं और सामर्थ्‍यनुसार दक्षिणा दें. इससे घर के सारे वास्‍तु दोष दूर होते हैं.
नवरात्रि के दिनों में किसी शिव मंदिर में जाएं पूरे मंदिर में झाड़ू लगाकर उसे साफ करें वहां शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाते हुए अच्छी तरह से अभिषेक करें तत्पश्चात शुद्ध जल से स्नान करें और शिवजी की चंदन, पुष्प एवं धूप, दीप आदि से पूजा-आरती करें रात में 10 बजे के बाद आम की लकड़ी पर अग्नि प्रज्वलित कर "ऊँ नम: शिवाय" मंत्र का उच्चारण करते हुए 108 आहुति शुद्ध घी से दें नवरात्रि से आरंभ कर इस विधि को 40 दिनों तक नित्य इसी मंत्र का पांच माला का जप शिव जी के सम्मुख करते रहें इस क्रिया से आपकी सर्वमनोकामना बहुत जल्दी पूर्ण होगी,
पूजा के समय एक गुलाब के फूल पर कपूर की एक टिक्की रख कर माता रानी के सामने रख दें फिर महालक्ष्मी मंत्र की 6 माला का जाप करें इसके बाद शाम के समय गुलाब के फूल को तो देवी मां को अर्पित कर दें और कपूर की टिक्की को जलाकर आरती करें  इससे आपके सभी धन संबंधी कष्ट दूर हो जाएंगे,
नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है इस दिन इमली के पेड़ की एक डाल काट कर लाएं और फिर डाल हाथ में रखकर महालक्ष्मी मंत्र का 11 बार जाप करें। जाप करने के बाद इस डाल को अपने धन रखने स्थान अथवा तिजोरी में रख दें इसी मां लक्ष्मी की आप पर खूब कृपा बरसेगी,
जिन लोगों को पैसे की कमी के साथ ही व्यापार या नौकरी में मनमाफिक सफलता नहीं मिल पा रही है उन्हें एक पान के पत्ते की दोनों तरफ सरसों का तेल लगाकर उसे मां दुर्गा के चरणों में अर्पित करना चाहिए फिर रात में सोते समय इस पत्ते को सिरहाने रख कर सो जाएं अगली सुबह देवी के किसी मंदिर के पीछे उस पान के पत्ते को रख आएं इससे आपको व्यापार या नौकरी में सफलता मिलने के साथ ही आर्थिक तंगी भी दूर होगी,
नवरात्रि के दौरान किसी दिन मां दुर्गा की पूजा के दौरान सुबह एक पान के पत्ते पर गुलाब की थोड़ी सी पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा के चढ़ा दें ध्यान रहे कि गुलाब लाल रंग का ही होना चाहिए इस उपाय को करने से आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होगा इस उपाय से मां अम्बे ही नहीं लक्ष्मी माता भी प्रसन्न होती हैं,
नवरात्रि के दौरान आप श्रीयंत्र, चांदी का सिक्का और कुबेर यंत्र खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है इनकी पूजा करें। इसके बाद इसे तिजोरी में रख दें ऐसा करने से कभी भी धन-दौलत की कमी नहीं होगी,
नवरात्रि में हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करें ऐसा नवरात्रि में हर दिन करें इससे आ​र्थिक संकट दूर होते हैं घर में सुख-समृद्धि आती है नवरात्रि में पूजा करते समय दीपक में चार लौंग, घी और बत्ती डालकर जलाएं नवरात्रि के दौरान हर दिन सुबह और शाम घी का दीपक जलाएं इससे आपको बिजनेस या जॉब में सफलता मिलेगी,
नवरात्रि में शंख की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है ऐसा माना जाता है कि शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुई थी। शंख की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे आप पर मां लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है,
मित्रों चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करने के लिए उनका प्रतीक मानी जाने वाली कौड़‍ियों की पूजा करनी होगी ध्‍यान रखें कि भूरी, सफेद, पीली और काली किसी भी कौड़ी को न चुन लें अपनी आर्थिक संबंधी समस्‍या के मुताबिक ही कौड़‍ियों का प्रयोग करें अन्‍यथा इसका लाभ नहीं मिलता,
तमाम मेहनत के बाद भी आपको लाभ मिलते-मिलते रह जाता है इस पर‍िस्थिति में पीली कौड़ी का प्रयोग करें इसके लिए साधक को चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां लक्ष्‍मी को प्रणाम करके पीले रंग के कपड़े में पीले रंग की 7  कौड़‍ियां रखें इसके बाद इसे तिजोरी में या जहां-कहीं भी पैसे रखते हों, उस स्‍थान पर रख दें साथ ही मां लक्ष्‍मी को प्रार्थना करें कि वह आपके जीवन में धन-समृद्धि की वर्द्धि होगी,
अगर भक्त के जीवन में किसी तरह की कोई परेशानी चल रही है तो उसे मां दुर्गा के बीज मंत्र- 
'ऊं ह्रीं दुं दुर्गायै नम: "
का जाप करना चाहिए जाप की संख्या 108  या इससे अधिक होनी चाहिए फिर भगवान शिव पर दही अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं ,
नवरात्रि के दौरान अगर घर में तुलसी का पौधा लगाया जाए तो यह बेहद ही शुभ होता है अगर आपके घर में यह पौधा पहले से ही है तो एक सिक्का लेकर अपनी मन्नत मांगे। फिर उस सिक्के को पौधे की मिट्टी में दबा दें अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको काम में सफलता हासिल होगी, 
नवरात्रि में कौड़ियों भी देती है अनगिनत लाभ ,,
अपने घर की नकारात्‍मकता उर्जा को भी दूर करती हैं कौड़ियों,इसके लिए घर के मुख्‍य द्वार पर लाल रंग के कपड़े में 11 कौड़‍ियां बांधकर टांग दें ऐसा करने से घर में धन-वैभव तो आएगा ही साथ ही यह बुरी नजर से भी बचाव करती है कहा जाता है कि यह नकारात्‍मकता को दूर करने का भी सार्थक उपाय है इसके अलावा पीले रंग की एक कौड़ी लेकर आप इसे ताबीज के रूप में भी पहन सकते हैं इससे निगेटिव ऊर्जा आपको छू भी नहीं सकती, 
आपके घर में किसी के भी पास कभी भी धन की कमी न हो किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान न हो तो इसके लिए आप हरे रंग के कपड़े में पीले रंग की  11 कौड़‍ियां रखकर घर की उत्‍तर दिशा में छिपा दें ऐसा करने से भगवान कुबेर अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं उनकी कृपा से घर-पर‍िवार में कभी भी धन की कमी नहीं होती लेकिन ध्‍यान रखें कि कौड़‍ियां किसी को दिखाकर या बताकर नहीं रखनी है,
अगर आपको व्‍यवसाय में लगातार नुकसान हो रहा है या फिर नौकरी करते हैं और आय संबंधी परेशान‍ियां झेलनी पड़ रही हैं ऐसे में आपको बस इतना करना है कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन सफेद रंग की 11 कौड़‍ियों को पीले रंग के कपड़े में बांधकर रखना है इसे आप जहां भी धन रखते हों उसी स्‍थान पर रखना है मां लक्ष्‍मी को प्रणाम करें और प्रार्थना करें कि वह आपके आय में वृद्धि करें व्‍यवसाय में लाभ द‍िलाएं,
देवी मां को लाल रंग बेहद प्रिय है ऐसे में मां को लाल रंग का कपड़ा पहनाएं साथ ही लाल पुष्प भी अर्पित करें मान्यता है कि अगर ऐसा किया जाए तो व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं,
नवरात्रि के पहले दिन घट स्‍थापना की जाती है. याद रखें कि यह कलश स्थापना ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व कोण में करें. वास्‍तु शास्‍त्र के में ईशान कोण को पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ और उत्तम माना गया है. इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है,
अपने घर के पूजा स्थान में भगवती दुर्गा, भगवती लक्ष्मी और मां सरस्वती के चित्रों की स्थापना करके उनको फूलों से सजाकर पूजन करें,
नवरात्रि में प्रवेश द्वार पर लक्ष्मीजी के पैर का निशान बनाएं ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर में सुख-शान्ति और समृद्धि बनी रहती है। इसके साथ ही नवरात्रि के दिनों में आम और अशोक के पत्तों की माला बनाकर मुख्य द्वारा पर बांधने से घर में होने वाली सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है,
नवरात्रि के 9 दिनों में से एक दिन मां लक्ष्मी मंदिर जाएं, पूजा के दौरान केसर के साथ पीले चावल को माता को अर्पित करें, मान्यता है कि ऐसा करने से घर में आ रही बाधा दूर हो जाती है और मां लक्ष्मी का आशिर्वाद मिलता है,
मनचाही इच्छा की प्राप्ति के लिए
नवदुर्गा की पूजा के दौरान माता को शहद और इत्र लगाएं। मां की कृपा हमेशा आप पर बनी रहेगी और आपकी हर इच्छा पूरी होगी,
धन की प्राप्ति के लिए
गुलाब के 7 फूल मां दुर्गा को अर्पित करें और लाल रंग के आसन पर बैठकर मां दुर्गा की आराधना करें,
बांधा दुर करने के लिए,
नवरात्रि के 9 दिनों में से एक दिन मां लक्ष्मी मंदिर जाएं। पूजा के दौरान केसर के साथ पीले चावल को माता को अर्पित करें, मान्यता है कि ऐसा करने से घर में आ रही बाधा दूर हो जाती है और मां लक्ष्मी का आशिर्वाद मिलता है,
रोगों से मुक्ति के लिए
मां शैलपुत्री को गाय के घी का भोग लगाएं, समस्त रोगों से मुक्ति मिलेगी,
लंबी उम्र की प्राप्ति के लिए,
माता ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाएं, मां से लंबी उम्र का वरदान मिलेगा,
सुख की प्राप्ति के लिए
देवी चंद्रघंटा की पूजा करने के बाद दूध का भोग लगाएं, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी और घर से कलह भी दूर होता है,
मनोबल बढ़ाने के लिए,
देवी कुष्मांडा को मालपुआ का भोग लगाएं, मनोबल बढ़ा-चढ़ा रहेगा,
बुद्धि और ज्ञान की प्राप्त के लिए
नवदुर्गा को केले का भोग लगाएं, इससे आपकी बुद्धि का विकास होगा,
सौंदर्य की प्राप्ति के लिए,
मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं, इससे सुंदर रंग-रूप की प्राप्ति होती है,
कारोबार में लाभ के लिए,
नवरात्र के शनिवार को सूर्योदय के पहले पीपल के 11 पत्ते लेकर उन पर राम-राम लिखकर इन पत्तों की माला बनाकर इसे हनुमानजी को पहना दें,,, कारोबार में आ रही सारी परेशानियां दूर होंगी,
कर्ज़ मुक्ति के लिए,
मां के श्री चरणों में 108 गुलाब या रक्त पुष्प (लाल कनेर, गुड़हल) के फूल अर्पित करें और घी का दीपक जलाकर मां का ध्यान करें ,पूजा के बाद मसूर को अपने ऊपर से 7 बार वारकर किसी भी सफाई कर्मचारी को दान दें,
मां भगवती की कृपा पाने के लिए,
नौ दिनों तक माता का व्रत रखें अगर शक्ति न हो तो पहले, चौथे और आठवें दिन का उपवास अवश्य करें ,मां भगवती की कृपा जरूर प्राप्त होगी,
आपदा विपदा से छुटकारा पाने के लिए,
नौ दिनों तक घर में मां दुर्गा के नाम की ज्योत अवश्य जलाएं,
और अधिक से अधिक नवार्ण मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ का जाप अवश्य करें,
नवरात्रि मेंइन दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करना चाहिए जिससे मां की कृपा बनी रहे,
ध्यान रहे मित्रों पूजन में हमेशा लाल रंग के आसन का उपयोग करना उत्तम होता है आसन लाल रंग का और ऊनी होना चाहिए बाकी सभी कई तरह की साधनोऔ में आसान और पुजा सामग्री बदल भी जाती है ,
लाल रंग का आसन न होने पर कंबल का आसन इतनी मात्रा में बिछाकर उस पर लाल रंग का दूसरा कपड़ा डालकर उस पर बैठकर पूजन करना चाहिए,
पूजा पूरी होने के पश्चात आसन को प्रणाम करके लपेटकर सुरक्षित जगह पर रख दीजिए,
 पूजा के समय लाल वस्त्र पहनना शुभ होता है लाल रंग का तिलक भी जरूर लगाएं लाल कपड़ों से आपको एक विशेष ऊर्जा की प्राप्ति होती है, बाकी दिशा काल समय पर यह सब चेंज या बदल भी जाती है मां को प्रात: काल के समय शहद मिला दूध अर्पित करें, पूजन के बाद इसे ग्रहण करने से आत्मा व शरीर को बल प्राप्ति होती है यह एक उत्तम उपाय है, आखिरी दिन घर में रखीं पुस्तकें, वाद्य यंत्रों, कलम आदि की पूजा अवश्य करें,
अष्टमी व नवमी के दिन कन्या पूजन करें,
#श्री दुर्गा सप्तशती विधान,
मित्रों शास्त्रों में कहा गया है कि स्तुतियों में ‘दुर्गा सप्तशती’ सबसे अधिक व तत्काल फल देने वाली है नवरात्रों में दुर्गा सप्तशती की पूजा से कई गुणा फल अधिक मिलता है
पारिवारिक संकट आने पर दुर्गा सप्तशती का तीन बार पाठ करायें या करें,
यदि घर में कोई तकलीफ पा रहा हो तो पांच बार दुर्गा सत्पशती का पाठ करें,
यदि परिवार में कोई भय पैदा करने वाला संकट आया है तो सात बार पाठ करें,
परिवार की सुख समृद्धि के लिये नौ बार पाठ करें,नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी,,
धनवान बनने के लिये ग्यारह बार पाठ करें, 
मनचाही वस्तु पाने के लिये बारह बार पाठ करें,
घर में सुख शांति व श्री वृद्धि के लिये पन्द्रह बार पाठ करें,
पुत्र-पौत्र, धन-धान्य व प्रतिष्ठा के लिये सोलह बार पाठ करें,
यदि परिवार में किसी पर राजदंड, शुत्र का संकट या मुकदमें में फंस गये हो तो (18)अठारह बार पाठ करें,
जेल से छुटकारा पाने के (अगर निदोष हैं) लिये(25) पच्चीस बार पाठ का विधान है,
शरीर में कोई घाव-फोड़ा आदि हो गया हो या आपरेशन कराने की नौबत आ गयी हो तो तीस बार पाठ कराने से फायदा होता है,
भयंकर संकट, असाध्य रोग, वंशनाश या धन नाश की नौबत आये तो सौ बार सत्पशती का पाठ करायें सौ बार पाठ को ही शतचण्डी पाठ कहते हैं,
एक हजार पाठ कराने वाले यजमान को मुक्ति मिल जाती है इसे ही सहस्त्रचण्डी पूजा कहते हैं,
अध्याय 1 इसके पाठ से सभी प्रकार की चिंता दूर होती है एवं शक्तिशाली से शक्तिशाली शत्रु का भी भय दूर होता है शत्रुओं का नाश होता है,नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी,,
अध्याय 2 इसके पाठ से बलवान शत्रु द्वारा घर एवं भूमि पर अधिकार करने एवं किसी भी प्रकार के वाद विवाद आदि में विजय प्राप्त होती है,
अध्याय 3 तृतीय अध्याय के पाठ से युद्ध एवं मुक़दमे में विजय, शत्रुओं से छुटकारा मिलता है,
अध्याय 4 इस अध्याय के पाठ से धन, सुन्दर जीवन साथी एवं माँ की भक्ति की प्राप्ति होती है,
अध्याय 5 इस अध्याय के पाठ से भक्ति मिलती है, भय, बुरे स्वप्नों और भूत प्रेत बाधाओं का निराकरण होता है,
अध्याय 6 इस अध्याय के पाठ से समस्त बाधाएं दूर होती है और समस्त मनवाँछित फलो की प्राप्ति होती है,
अध्याय 7 इस अध्याय के पाठ से ह्रदय की समस्त कामना अथवा किसी विशेष गुप्त कामना की पूर्ति होती है,
अध्याय 8 इस अध्याय के पाठ से धन लाभ के साथ वशीकरण प्रबल होता है,
अध्याय 9 इस अध्याय के पाठ से खोये हुए की तलाश में सफलता मिलती है, संपत्ति एवं धन का लाभ भी प्राप्त होता है,
अध्याय 10 इस अध्याय के पाठ से गुमशुदा की तलाश होती है, शक्ति और संतान का सुख भी प्राप्त होता है,
अध्याय 11 ग्यारहवें अध्याय के पाठ से किसी भी प्रकार की चिंता, व्यापार में सफलता एवं सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है,
अध्याय 12 इस अध्याय के पाठ से रोगो से छुटकारा, निर्भयता की प्राप्ति होती है एवं समाज में मान-सम्मान मिलता है,नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी,,
अध्याय 13 इस अध्याय के पाठ से माता की भक्ति एवं सभी इच्छित वस्तुओं की प्राप्ति होती है,
#नवरात्रि को क्या नहीं करना चाहिए,,
नवरात्रि में देवी के विभिन्न रुपों की पुजा की जा सकती है नवदुर्गा,महासिद्धविधा ,महा अष्टलक्ष्मी,या त्रिदेवों में किसी की भी या इतर योनी साधनाएं आदि की अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। इन दिनों भक्त व्रत रखकर माता की आराधना करते हैं। नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन से दूर रहे,
#लहसुन और प्याज तामसिक भोजन होता है इसके सेवन से मन की एकाग्रता भंग होती है, वह मानसिक थकान होता है,इस लिए नवरात्रि में तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए,
#बाल कटवाना नहीं चाहिए,
नवरात्रि में बाल कटवाना और सेविंग नहीं करना चाहिए, मान्यता है कि कटिंग से धन होती है, वह लक्ष्मी देवी नाराज होती है,
#नाखून काटना
ज्योतिष शास्त्रों के और सनातनी मान्यता के मुताबिक नवरात्रि में नाखून काटने की मनाह है, मान्यता है कि ऐसा करने से मां दुर्गा क्रोधित हो जाती हैं, उनके क्रोध से जातकों को कष्ट का सामना करना पड़ता है,
#नोट,मां दुर्गा को तुलसी दल और दूर्वा चढ़ाना निषिद्ध है,
मित्रों किसी भी प्रकार की शंका निवारण के लिए दिन में बारह बजे से शाम पांच बजे तक कोल या मेसेज कर सकते हैं 9829026579वाटस अप 861983810 कोलिंग,, नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी,,
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🙏🌹

Tuesday, March 15, 2022

होली पर मिलेगी तंत्र क्रिया से मुक्ति भाग एक

मित्रों आप सभी को जय मां बाबा की और होली और रंगपंचमी, शीतला सप्तमी की बहुत बहुत शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई मित्रों यू तो हम होली हो या कोई और पर्व साधारण सरल टोटके हमेशा आमजन के लिए देते हैं जो बिना किसी के गुरू के आमजन कर सके और अपना जीवन खुशहाल बना सके, मित्रों आप सभी से हमारा अनुरोध है आप सभी रोज दो मुट्ठी अनाज पक्षियों को और रोजाना एक एक  रोटी नंदी और गौमाता और आवारा कुत्तों को जरूर ताकि हमारे द्वारा दिए गये उपायों से आपकी उन्नति होती रहे नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी अभी बहुत कुछ है ,होली 17मार्च को है कहीं कहीं 18 मार्च की भी हो सकती है समय दिशा काल के हिसाब से ,, होलिका दहन मुर्हुत

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
फांगुन पूर्णिमा 2022
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ  मार्च 17,2022 को 13.30 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त मार्च 18,2022 को 12.48 बजे
होलिका दहन मार्च 17,2022
होलिका दहन का समय 06:33से10:05तक
मित्रों होली के दिन कई टोटके और साधनाएं और अपने मंत्र विधानों को पुनश्चरण किया जाता रहा है इस दिन श्मशानी साधनाएं भी की जाती है और अपनी आराध्य की साधारण और त्रीव साधनाएं की जा सकती है , कुछ साधनाएं होली से शुरू होकर नवरात्रि की दशमी तक भी चलती है इन दिनों आपको सात्विक रहना होता है होली के दिन कोई भी उपाय या क्रिया करे तो आपको मंधपान और मांसाहार का प्रयोग नहीं करना है तभी क्रिया सफल हो पाती है तो अब आपको उपाय और टोटके का विधान बताते हैं जो जगजाहिर है और हर बार हम उनको देते हैं आज पोस्ट लम्बी होगी पर आज इसको एक ही भाग में देने की कोशिश करेंगे, सभी प्रयोग करने से पहले आपको होलिका दहन के पूर्व स्नान कर शुद्ध, स्वच्छ वस्त्र धारण कर एक श्रीफल और सरसों (राई) नमक नींबू की एक पोटली बना लिजिए कागज़ या लाल कपड़े से और उसको अपने एवं परिवार के सदस्यों के ऊपर से 7 बार घड़ी की सुई की दिशा में उतारें (क्लाक वाइज)यदि किसी सदस्य को अधिक परेशानी है तो उनके लिए अलग से सारी समाग्री उतारें ,अब अपने आराध्य देवी देवता का ध्यान करके अपनी समस्या को उन्हें बताकर उस पोटली को होलिका में डाल दें एवं होलिका की सात(7) परिक्रमा करके समस्याओं दूर करने की प्रार्थना करें एवं अपने एवं ‍परिवार के लिए स्वास्थ्य, यश, दीर्घायु, धन, लाभ आदि की कामना करके हाथ जोड़कर प्रणाम करें तथा घर आकर अपने आराध्य देवी देवता को प्रणाम करें तथा घर के सभी बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लें भगवान को फल‍, मिष्ठान्न आदि का यथाशक्ति भोग लगाकर स्वयं ग्रहण करें,,बस इस दिन आपको शुद्धता, पवित्रता का विशेष ध्यान रखें, और बड़ी गोपनीयता के साथ इन सभी विधानों का प्रयोग अपनी सफलता के लिए करे अति आवश्यक है बिना किसी को भी बताए यह सभी क्रियाएं करनी चाहिए और हां जैसा हमने ऊपर लिखा है उस दिन किसी प्रकार का नशा या मांसाहार का प्रयोग नहीं करना चाहिए,
मित्रों किसी भी सफलता प्राप्ति के लिए होलिका दहन स्थल पर नारियल, पान तथा सुपारी भेंट करें और गृह क्लेश से निजात पाने और सुख-शांति के लिए होलिका की अग्नि में जौ-आटा चढ़ाएं ,और होलिका दहन केबाद राख को घर लेकर आना है जिसके कई प्रयोग है जो इसी पोस्ट में आपको विस्तार से बताये जायेंगे होलिका के दुसरे  दिन राख लेकर उसे लाल रुमाल में बांधकर पैसों के स्थान पर रखने से बेकार खर्च रुक जाते हैं, अपने दांपत्य जीवन में शांति के लिए होली की रात उत्तर दिशा में एक पाट पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल के ढेर पर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। इसके बाद केसर का तिलक कर घी का दीपक जलाकर पूजन करें ,और जल्द #विवाह के लिए होली के दिन सुबह एक पान के पत्ते पर साबूत सुपारी और हल्दी की गांठ लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और बिना पलटे घर आ जाएं अगले दिन भी यही प्रयोग करें, बुरी नजर से बचाव के लिए गाय के गोबर में जौ, अरसी और कुश मिलाकर छोटा उपला बना कर इसे घर के मुख्य दरवाजे पर लटका दें ,होलिका दहन की रात तगर, काकजंघा, केसर को “क्लीं कामदेवाय फट् स्वाहा” मंत्र से अभिमंत्रित कर होली के दिन इसे अबीर या गुलाल में मिलाकर किसी के सिर पर डालने से वह वश में हो जाता है यह प्रयोग सोच समझकर करें हम हमेशा वशीकरण मारण मोहन उच्चाटन के खिलाफ है पर ये विधान पति पत्नी के लिए उपयुक्त है दुष्प्रयोग के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे हमारा कार्य केवल जानकारी देना है,  होली की रात “ॐ नमो धनदाय स्वाहा” मंत्र के जाप से धन में वृद्धि होती है ,21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात शिवलिंग पर चढ़ाने से व्यापार में लाभ होता है , मित्रों #उधार की रकम वापस पाने के लिए होलिका दहन स्थल पर अनार की लकड़ी से उसका नाम लिखकर होलिका माता से अपने धन वापसी का निवेदन करते हुए उसके नाम पर हरा गुलाल छिड़कने से लाभ होगा,होली की रात 12 बजे किसी पीपल वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाने और सात परिक्रमा करने से सारी बाधाएं दूर होती हैं , गोमती चक्र, कौ‍ड़ियां और बताशे जलती होली में स्वयं पर से उतार कर डालने से भी जीवन की हर बाधा स्वाहा हो जाती है ,भय और कर्ज से निजात पाने के लिए नरसिंह स्तोत्र का पाठ करना लाभदायक होता है, होलिका की राख को एक पोटली बनाकर तिजोरी या फिर ऐसी जगह रख दें जहां पर आप अपना धन रखते हों, ऐसा करने से संचित धन बढ़ता है, मित्रों किसी को टोने टोटके का भय होने पर इस राख से तिलक भी लगा सकते हैं, इससे आत्मबल मिलता है, होलिका की राख बहुत पवित्र और शुभ होती है। राख को माथे पर लगाना से सभी देवी-देवता संतुष्ट होते हैं ,इस राख को लगाने का एक नियम है इसे बाईं ओर से दाईं ओर लगाएं। इस रेखा को त्रिपुंड कहा गया है जिसके स्वामी महादेव, महेश्वर और शिव हैं, इसे लगाने से रोग, शोक, भय दूर होता है, बात विश्वास और आस्था की करके देखना फलश्रुति जरुर प्राप्त होती बाकी जेसी मां बाबा की कृपा और इच्छा नादान बालक की कलम से आगे और भी बहुत कुछ है, होलिका दहन की राख में थोड़ी सी राई और नमक मिलाकर उसको किसी साफ बर्तन में रख दें, इससे आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाएगी ,साथ ही आपका बुरा समय भी खत्म हो जाएगा, ऐसी मान्यताएं हैं, वास्तुदोषों से मुक्ति पाने के लिए होली दहन के अगले दिन आप सर्वप्रथम अपने इष्ट देव को गुलाल अर्पित कर अपने निवास के ईशान कोण पर पूजन कर गुलाल चढ़ायें, यह उपाय करने से आपका घर वास्तुदोष से मुक्त हो जायेगा, यदि किसी के उपर कोई भय का साया है तो वह होली पर एक नारियल, एक जोड़ा लौंग व पीली सरसों इन सभी वस्तुओं को लेकर पीडि़त व्यक्ति के उपर से इक्कीस (21) बार उतार होलिका में डाल दिजिए और प्रार्थना कर लिजिए, मान लिजिए मित्रों अगर आपको राज्यपक्ष से बाधा आ रही है तो आप होलिका के उल्टे फेरे प्रारम्भ करें यह कोई गलत नहीं है प्रत्येक फेरे की समाप्ति पर आक की जड़ जलती होली में फेंके और अपनी समस्याओं से अवगत कराये इस उपाय को करने से आपको राज्य पक्ष से मिलने वाली सारी बॉधायें समाप्त हो जायेगी, और मित्रों अगर किसी मां बहन बेटी को शंका हो अपने पति पर की वो किसी और के चक्कर में हैं तो यह उपाय जरुर करे यानि किसी का पति दूसरी महिला के सम्पर्क में रहता है, तो आप होली पर उपरोक्त सामग्री अर्पण करें और सात( 7) बार होली की जलती आग की परिक्रमा करें परिक्रमा करते समय 1 गोमती चक्र अपने पति का नाम लेकर आग में डालें ऐसा करने से महिला का पति उसके पास वापस लौट आयेगा और उनकी शंका भी समाप्त हो जायेगी , यदि कोई  आपका अपना कहना नहीं मानता या आपका शत्रु ही बन गया हो तो उसका नाम लेते हुए होलिका की रात,लाल चंदन की माला से इस मंत्र का जाप करें- ओम् कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि तन्नो अनंग प्रचोदयात!!
मित्रों दुकान,आफिस,फैक्ट्री या मकान में अक्सर होने वाली या अचानक चोरी या नुकसान के बचाव हेतु सूखा नारियल और तांबे का पैसा घर या दुकान में सात बार चारों कोनों में घुमा कर होलिका में डालें,  होली की रात सरसों के तेल का चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर लगाएं व उसकी पूजा करें इसके बाद भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें मान्यता के अनुसार ऐसा करने से हर प्रकार की बाधा का निवारण होता है , यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो, तो 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात में शिवलिंग पर चढ़ा दें इससे बिजनेस में फायदा होने लगेगा,  होली पर किसी गरीब को भोजन अवश्य कराएं माना जाता है कि ऐसा करने से आपकी मनोकामनापूरी हो जाती है, यदि राहु के कारण परेशानी है तो एक नारियल का गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भर दें  उसी में थोड़ा सा गुड डालें और इस गोले को जलती हुई होलिका में डाल दें मान्यता के अनुसार ऐसा करने से राहु का बुरा प्रभाव समाप्त हो जाता है, धन हानि से बचने के लिए होली के दिन घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर दोमुखी दीपक जलाएं दीपक जलाते समय धन हानि से बचाव के लिए मां बाबा से प्रार्थना करें , जब दीपक बुझ जाए तो उसे होली की अग्नि में डाल दे यह किया पुणे आस्था और श्रद्धापूर्वक करें, माना जाता है कि ऐसा करने से धन हानि नहीं होगी,अगर मित्रों आपके घर, दुकान, प्रतिष्ठान को नजर लग गई हो या प्रतिद्वंदी ने कुछ करा दिया हो तो, होलिका दहन की शाम मुख्य द्वार की दहलीज पर लाल गुलाल छिड़कें,उस पर आटे का दोमुखी दिया,थोड़ा सा सरसों का तेल डाल कर जलाएं। समस्याओं के निराकरण की प्रार्थना करें और और इस दीपक भी  ठंडा होने पर होलिका में डाल आएं लाभ होगा, कमल गटटे् की माला से ओम् महालक्ष्म्यै नमः का जाप करें यही माला धारण करके होलिका के निकट देसी घी का दीपक जलाकर आर्थिक संपन्नता की प्रार्थना करें, शीघ्र लाभ होता है, यदि आपको लगता है कि बच्चे को किसी की नजर लग गई है तो देसी घी में भीगे पांच लौंग,एक बताशा,एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें दूसरे दिन वहां की राख ला के ताबीज में भर के बच्चे को पहनाएं ,और यदि आपके घर को बुरी नजर लग गई है उसे उतारने का यह स्वर्णिम अवसर है देसी घी में भीगे दो लौंग,एक बताशा,मिश्री,एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें दूसरे दिन वहां की राख लाकर लाल कपड़े में बांध के घर में रखें ,यह उपाय हमने ऊपर भी दिया है कि यदि कोई आपकी धन वापसी में बेईमानी कर रहा है और आप मुकदमे में नहीं पड़ना चाहते तो होलिका दहन स्थल पर धन न लौटाने वाले का नाम जमीन पर अनार की लकड़ी से त्रिकोण के अन्दर लिखें और उस पर हरा गुलाल छिड़क दें होलिका माता से धन वापसी की प्रार्थना करें अगले दिन वहां से राख उठा के जल में उस व्यक्ति का नाम लेते हुए प्रवाहित कर दें, आपके पैसे आने की संभावना बढ जायेगी, और यदि कोई बहुत बीमार है या दवा नहीं लग रही तो एक मुट्ठी पीली सरसों,एक लौंग,काले तिल,एक छोटा टुकड़ा फिटकरी,एक सूखा नारियल लेकर उस पर 7 बार उल्टा घुमा के होलिका में दहन कर दें, दांपत्य जीवन में मिठास लाने के लिए रुई की 108 बात्तियां  देसी घी में भिगोकर के होलिका में संबंध सुधार की अनुनय सहित एक एक करके परिक्रमा करते हुए डालें यह उपाय माता -पिता अपने बच्चों, वर-वधु की फोटो पर घुमा कर भी कर सकते हैं ,यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके ऊपर तांत्रिक अभिचार किया हुआ है जिसके कारण आपकी प्रगति ठप्प हो गई है तो देसी घी में भीगे दो लौंग,एक बताशा,एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख ला के शरीर पर मलें और नहा लें तांत्रिक अभिचार दूर हो जाएगा, मित्रों अगर कोई असाध्य बीमारी हो जाए जो किसी भी उपाय से सही नहीं हो रही है तो होली की रात को तुलसी की माला से
 “ऊँ नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा” 
मंत्र का जाप करें जल्दी ही बीमारी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी होली के दिन एक साबुत पान डंण्डल सहित, गुलाब का फूल और कुछ बताशे रोगी के ऊपर से इक्कावन (51 )बार उतार कर चौराहे पर रखने से भी रोगी तुरंत ठीक हो जाता है, . मित्रों यदि आप अक्सर पैसों से परेशान रहते हैं या फिर आपके घर में धन रूकता नहीं है तो आप होलिका दहन के बाद अगले दिन होलिका दहन की राख को लेकर आएं और उसे लाल कपड़े में सात गोमती चक्र के साथ बांधकर अपने धन वाले स्थान पर रख दें ऐसा करने से आपके पास धन रूकने लगेगा ऐसा माना जाता है, और हां मित्रों किसी के घर या दुकान में वास्तुदोष है तो यह उपाय कर सकता है होलिका दहन के बाद लाल रंग के कपड़े के पांच टुकड़े लें और उसमें होलिका दहन की राख भरें इसके बाद उसे पीले धागे से बांध लें पोटली बनाने के बाद पहली पोटली घर के मुख्य द्वार पर और बाकी चार पोटली घर के चारों कोनों में टांग दें। ऐसा करने से आपके घर का वास्तु दोष हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा और आप फिजुल खर्च से बच जायेंगे, उपाय तो और भी कई है मित्रों बाकी अगली पोस्ट में देते हैं नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगली पोस्ट में आगे जैसी मां बाबा की कृपा और इच्छा और आपकी आस्था श्रद्धा और विश्वास क्योंकि सब कुछ आपके विश्वास पर निर्भर है,,जय मां बाबा की मित्रों,,
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🙏🌹🙏

Thursday, February 24, 2022

महाशिवरात्रि पर राशिफल अनुसार करें पुजा जानये भाग 6

महाशिवरात्रि और सावन में कौन सी राशिफल पर क्या करना चाहिए भाग 6
   मित्रों की राशि अनुसार महाशिवरात्रि के दिन पूजा करना चाहते हैं तो आप राशि के अनुसार की पूजा कर सकते हैं कि अलग-अलग पूजा का विधान है उसके उपाय भी हम मंत्र विधान सहित दे रहे हैं यह सभी किसी ने किसी शास्त्र से और हमारे गुरूजनो के आशीर्वाद स्वरूप मिले हुये है तो मित्रो शुरु करते हैं ,,

मेश राशि : मेश राशि का स्वामी मंगल है इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक कच्चे दुघ एवम दही से करे साथ ही भगवान शिव को पूजा मे गुलाब के फूल अर्पित करे।
वृषभ राशि : वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक गन्ने के रस से करे साथ ही भगवान शिव को मोगरे का इत्र भी अर्पित करे।
मिथुन राशि :- मिथुन राशि का स्वामी बुध है इस राशि के जातक भगवान शिव तो बिल्व पत्र अर्पित करे साथ ही ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करे।
कर्क राशि :- कर्क राशि का स्वामी चंद्र है इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक कच्चे दूध मे शक्कर मिलकर करे साथ ही चंद्र शेखर स्त्रोत का भी पाठ करे।
सिंह राशि :- सिंह राशि का स्वामी सुर्य है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक जल से करे साथ ही भगवान शिव को सफेद मिठाई का भोग भी लगावे।
कन्या राशि:- कन्या राशि का स्वामी बुध है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करे साथ ही शिव तांडव स्त्रोत का भी पाठ करे।
तुला राशि:- तुला राशि का स्वामी शुक्र है इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक पानी मे इत्र डालकर करे इसके बाद भगवान शिव का चंदन से स्रिंगार करे।
वृश्चिक राशि :- इस राशि का स्वामी मंगल है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का शहद से अभिषेक करे तथा भगवान शिव को लाल मसूर की दाल भी अर्पित करे।
धनु राशि :- इस राशि का स्वामी गुरु है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का चावल से सृंगार करे तथा पीली मिठाई का भोग भी लगावे।
मकर राशि :- इस राशि का स्वामी शनि है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक दुघ मे गंगाजल मिलाकर करे साथ ही भगवान शिव को सूखे मेवे का भोग भी लगावे।
कुंभ राशि :- इस राशि का स्वामी शनि है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक जल मे काले तिल मिलकर करे साथ ही शिव चालीसा का भी पाठ करे।
मीन राशि :- मीन राशि का स्वामी गुरु है तथा इस राशि के जातक भगवान शिव का अभिषेक दूध मे केसर मिलकर करे साथ ही कपूर जलाकर भगवान की आरती करे।
मित्रों हम यहां दो तरह से समझा रहे जो अच्छा लगे कर लिजिए जैसी शक्ति हो वैसा ही आप करे यथा शक्ति यथा भक्ति यह हमेशा ध्यान रखें,,
मेष राशि : इस राशि के जातकों को शिवजी का गुड़ के जल से अभिषेक करें और महादेव को लाल पेड़ा, लाल चंदन और कनेर का फूल अर्पित करें। इस उपाय को करने से आपके ऊपर भगवान शिव जी की कृपा बरसेगी।
वृष राशि : महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए दही से शिवजी का अभिषेक करें और उन्हें शक्कर, चावल, सफेद चंदन और सफेद फूल चढ़ाएं।
मिथुन राशि : महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए आप गन्ने के रस से शिव का अभिषेक करें और उन्हें मूंग और कुश चढ़ाएं।
कर्क राशि : महाशिवरात्रि पर भगवान शिवजी को मनाने के लिए शुद्ध घी से उनका अभिषेक करें और चावल, कच्चा दूध, सफेद आर्क और शंख पुष्पी अर्पित करें।
सिंह राशि : महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का गुड़ के जल से अभिषेक करें। साथ ही गुड़ और चावल से बनी खीर का नैवेद्य तथा मदार के फूल अर्पित करें।
कन्या राशि : महाशिवरात्रि पर शिवजी को प्रसन्न करने के लिए आप गन्ने के रस से शिवजी का अभिषेक करें। साथ ही उन्हें भांग, दूब, मूंग और पान अर्पण करें।
तुला राशि : महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को सुगंधित तेल या इत्र अर्पित करें। साथ ही उन्हें दही, शहद, श्रीखंड का नैवेद्य और सफेल फूल चढ़ाएं। इस उपाय से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
वृश्चिक राशि : भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। साथ ही उन्हें लाल रंग की मिठाई और लाल पुष्प चढ़ाएं।
धनु राशि : इस राशि के जातकों को महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का हल्दीयुक्त दूघ से अभिषेक करें। साथ ही केसर, बेसन से बनी मिठाई और गेंदे के फूल चढ़ाएं।
मकर राशि : भगवान शिव का नारियल पानी से अभिषेक करें और उड़द से बनी मिठाई तथा नीलकमल के फूल अर्पित करें। ऐसा करने से आपकी परेशानियां कम होंगी।
कुंभ राशि : इस राशि के जातकों को शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का तिल के तेल से अभिषेक करें और उन्हें उड़द से बनी मिठाई और शमी के फूल चढ़ाएं। नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी धन्यवाद मित्रों,
मीन राशि : भगवान शिव का केसरयुक्त दूध से अभिषेक करें और उन्हें दही-चावल का नैवेद्य, पीली सरसों तथा नाग केसर अर्पित करें। यह उपाय आपको कामयाबी दिलाएगा।
महाशिवरात्रि पर कोन सा मंत्र आपके लिए शुभ और ज्यादा प्रभाव शाली रहेगा राशिफल अनुसार आईये जानते हैं विधान,,
मेष
इस राशि के जातकों को जल में गुलाल से शंकर जी का विशेष अभिषेक करना चाहिए। साथ ही शिवरात्रि के पावन पर्व पर ॐ सोमनाथाय नम: का जाप करना चाहिए।
वृषभ
दूध से शिवजी का अभिषेक करना वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा होगा। साथ ही ॐ नागेश्वराय नमः मंत्र का जाप भी करें।
मिथुन
इस राशि के जातकों को गन्ने के रस से देवाधिदेव का अभिषेक करते हुए ॐ प्रवराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।
कर्क
पंचामृत से शिवजी का अभिषेक करना कर्क राशि के लोगों के लिए बेहद लाभदायक होगा और महादेव के मंत्र नम: शिवाय के साथ प्रभवे नम: मंत्र का जाप करें।
सिंह
सिंह राशि के जातक शहद से भगवान शिव जी का अभिषेक करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
कन्या
इस साल महाशिवरात्रि  के जातकों का शिव का रुद्राभिषेक शुद्ध जल से करना चाहिए और साथ ही शिव चालीसा का पाठ करना बेहद लाभकारी होता है।
तुला
दही से शिवजी का अभिषेक करना तुला राशि के जातकों के लिए शुभ होगा। इसके साथ ही तुला राशि के लोगों को शिवाष्टक का पाठ करना होगा।
वृश्चिक
वृश्चिक राशि के जातकों को दूध और घी से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप श्रेष्ठ रहेगा।
धनु
महाशिवरात्रि के दिन धनु राशि वालों को दूध से शिवजी का रुद्राभिषेक करना चाहिए और ॐ सर्वात्मने नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
मकर
इस राशि के जातकों को अनार के रस से शिव जी का अभिषेक करना चाहिए और शिवसहस्ररनाम का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होगा।
कुम्भ
कुंभ राशि के जातक महाशिवरात्रि पर शिव का अभिषेक दूध, दही, शक्कर, घी, शहद सभी से अलग-अलग करें और ॐ शिवाय नमः मंत्र का जाप करें।
मीन
इस राशि के जातकों को शिव का रुद्राभिषेक ऋतुफल(जो मौसम का खास फल हो) के रस से करते हुए ॐ स्थिराय नमः मंत्र का जाप करना चाहिए,।
आप सभी को हमारा ब्लाग अच्छा लगा हो तो शेयर करें और मित्रों इन जानकारियों को सभी आम जनो तक पहुचायै ,,
शंका निवारण के लिए कभी भी हमसे बात कर सकते हैं 
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🙏🌹🌹🌹🙏

महाशिवरात्रि के उपाय क्या क्या करे भाग 5

महाशिवरात्रि के उपाय क्या क्या करे भाग 5।   


जय मां बाबा की मित्रों नादान बालक की तरह से आप सभी को जय मां बाबा की मित्रों आने वाली महाशिवरात्रि पर हम सभी से कोई चुक ना रहे जितने उपाय है या जितना हमे याद है वो हम यहां दे रहे हैं तो कभी कभी कुछ उपाय रिपीट भी हो जाते हैं और कहीं लिखने में चुक हो ही जाती है शंका समाधान के लिए आप हमें कोल कर सकते हैं या तंत्र निवारण के लिए भी आप हमसे बात कर सकते हैं हमारी सभी आध्यात्मिक सेवाएं निःशुल्क है चिंता ना करें जो करना है वो मां बाबा ने करना है  ,
भगवान शिव को महाशिवरात्रि पर रोली, मौली, साबुत चावल, लौंग, इलायची, सुपारी, जायफल, हल्दी, केसर, पंचमेवा, मौसमी फल, नागकेसर जनेऊ, कमलगट्टा, सप्तधान्य, सफेद मिठाई, नारियल, कुशा, अबीर, चन्दन, गुलाब, इत्र, पंचामृत, कच्चा दूध, बेलपत्र, बेल का फल, गुलाब के फूल, आक धतूरा, भांग, धूप दीप आदि अर्पण करें. मित्रों ये दो मंत्र याद रखें हमेशा मां बाबा की पुजा करते वक्त ,,
हुए ॐ नम: शिवाय  और ॐ पार्वतीपतये नमः यह मंत्र हर पुजा में प्रयोग लिया जा सकता है ,,
शिवरात्रि के दिन आटे से 11 शिवलिंग बनाएं व 11 बार इनका जलाभिषेक करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं ,शिवरात्रि पर घर में पारद के शिवलिंग की स्थापना योग्य ब्राह्मण से सलाह कर स्थापना कर प्रतिदिन पूजन कर सकते हैं। इससे आमदनी बढ़ने के योग बनते हैं ,महाशिवरात्रि के दिन घर में स्फटिक का शिवलिंग लाकर स्थापित करें और नियमित इसकी पूजा करें तो घर से सारे नकारात्मक प्रभाव दूर जाएंगे। इससे धन और सुख में आने वाली बाधा दूर होगी, वास्तुशास्त्र में स्फटिक शिवलिंग को वास्तुदोष से मुक्ति प्रदान करने वाला बताया गया है। जिस घर में यह शिवलिंग होता है उस घर में किसी प्रकार के वास्तुदोष का अशुभ प्रभाव नहीं होता है, बुरी नजर से रक्षा करता है त्रिशूल - कहा जाता है शिव जी का त्रिशूल शांत मन प्रदान करता है और घर में त्रिशूल के रखने से परिवार को कभी किसी की नजर नहीं लगती। इसी के साथ घर में जन्मी नई संतान के को बुरी नजर से बचाने के लिए पवित्र शिवरात्रि के दिन उसके ग्ले में त्रिशूल बांध सकते हैं। कहते हैं ऐसा करने से बच्चे को किसी की बुरी नजर नहीं लगती, डमरू से बढ़ती है एकाग्रता - डमरू को शास्त्रों में विशेष स्थान मिला है और वास्तु से लेकर ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि डमरु को घर में रखने से किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी घर में प्रवेश नहीं करती ,नाग करेगा मुश्किलें खत्म - जीवन में आ रहीं लगातार मुश्किलें हटानी है तो महाशिवरात्रि के दिन शिव जी के मंदिर जाकर गले में नाग वाला लॉकेट पहन लें। कहते हैं इस शुभ दिन घर पर भी पूजा भी करनी चाहिए ,बेलपत्र - आप सभी जानते ही होंगे भोलेनाथ की पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी है। ऐसे में अगर घर में शिव का मंदिर बना हुआ है तो रोजाना उन्हें बेलपत्र चढ़ाने से घर में दरिद्रता नहीं आती है और मन शांत रहता है ,कच्चा दूध - कहते हैं शिवरात्रि के दिन अपने ग्ले में रुद्राक्ष धारण किया जाना चाहिए लेकिन उससे पहले उसे एक बार कच्चे दूध के साथ जरुर धो लें, इससे आपको बड़ा लाभ होगा, शिवरात्रि पर रात में किसी शिव मंदिर में दीपक जलाएं। शिवपुराण के अनुसार कुबेर देव ने पूर्व जन्म में रात के समय शिवलिंग के पास रोशनी की थी। इसी वजह से अगले जन्म में वे देवताओं के कोषाध्यक्ष बने।
महाशिवरात्रि पर छोटा सा पारद (पारा) शिवलिंग लेकर आएं और घर के मंदिर में इसे स्थापित करें। शिवरात्रि से शुरू करके रोज़ इसकी पूजा करें। इस उपाय से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है ,बाबा हनुमानजी भगववान शिव के ही अंशावतार माने गए हैं शिवरात्रि पर हनुमान चालीस का पाठ करने से हनुमानजी और शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती हैं। इनकी कृपा से भक्त की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं, देवीयो किसी सुहागिन को सुहाग का सामान उपहार में दें। जो लोग यह उपाय करते हैं, उनके वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं। सुहाग का सामान जैसे- लाल साडी, लाल चूड़ियां, कुमकुम आदि शिवरात्रि पर किसी बिल्व वृक्ष के नीचे खड़े होकर खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे लोग जीवनभर सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं और कार्यों में सफल होते हैं महाशिवरात्रि पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज और धन का दान करें। शास्त्रों में बताया गया है कि
गरीबों को दान करने से पुराने सभी पापो का असर खत्म हो सकता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है जल दुध पंचामृत चढ़ाते समय शिवलिंग को हथेलियों से रगड़ना चाहिए। इस उपाय से किसी की भी किस्मत बदल सकती हैं जल में केसर मिलाएं और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुडी समस्याएं खत्म होती हैं ,यदि आप लंबी उम्र चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ दूर्वा चढ़ाएं। इससे शिवजी और गणेशजी की कृपा से सुख-समृद्धि भी बढ़ती हैं नादान बालक की कलम से अभी इतना बाकी अगली पोस्ट में राशिफल अनुसार कैसे करे पुजा जप नियम ,चावल पकाएं और उन चावलों से शिवलिंग का श्रृंगार करें। इसके बाद पूजा करें। इससे मंगलदोष शांत होते हैं समय-समय पर शिवजी के निमित सवा किलो या सवा पांच किलो या 11 किलो या 21 किलो गेहूं या चावल का दान करें शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय काले तिल मिलाएं। इस उपाय से शनि दोष और रोग दूर होते हैं बीमारियों के कारण परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही हैं तो पानी में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। ये उपाय रोज़ करें मनचाही गाडी चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ चमेली के फूल चढ़ाएं और शिव मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जप 108 बार रोज़ करें।11 बिल्वपत्रों पर चंदन से ॐ नमः शिवाय या श्रीराम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।शिवलिंग पर रोज़ धतूरा चढाने से घर और संतान से जुडी समस्याएं दूर होती हैं। ये उपाय संतान को सभी कार्यों में सफलता दिलवाता है।नियमित रूप से आंकड़े के फूलों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ातेलक्ष्मी की स्थायी कृपा पाना चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ चावल चढ़ाएं। चावल पूरे यानी अखंडित होने चाहिए महाशिवरात्रि के दिन शिव का अभिषेक करने के बाद जलढ़री का जल घर ले आएं. इसके बाद 'ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च'। यह मंत्र को बोलते हुए पूरे घर में इस पवित्र जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी और घर-परिवार में खुशहाली बनी रहेगी ,अगर बराबर घर में आपसी कलह-क्लेश, रोग या अन्य समस्याएं हैं तो उसे दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व दिशा में रूद्राभिषेक करना शुभ होता है भले ही कोई व्यक्ति वर्ष भर में कोई व्रत नहीं रखता हो, लेकिन युगों युगों से यह मान्यता रही है कि फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर महाशिवरात्री के दिन जो भी भक्त सच्चे दिल से भगवान भोलेनाथ की आराधना हेतु उपवास रखता है तो उसे मात्र महाशिवरात्रि के व्रत रखने से वर्ष भर के सभी व्रतों का फल मिल जाता है। अतः भगवान शिव पर विश्वास रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस दिन उपवास कर भगवान भोलेनाथ का पूजन करता है ,इस दिन गरीबों, असहाय, दीन दुखियों को भोजन कराने वालों पर भगवान भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं। माना जाता है ऐसा करने से घर में कभी भी भोजन की कमी नहीं रहती, और पितरों की भी आत्मा को सुकून मिलता है, जल में कुछ तिल डालकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें और मन ही मन ॐ नमः शिवाय का उच्चारण करें इससे मन को असीम शांति मिलती है ,इस दिन माना जाता है घरों में आटे के 11 शिवलिंग बनाने चाहिए और उन 11 शिवलिंगों में जलाभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने पर घर में संतान प्राप्ति के योग में वृद्धि होती है ,शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव के वाहन नंदी बैल को हरा चारा खिलाने से घर में सुख शांति समृद्धि आती है। अतः आप शिवरात्रि के दिन ये उपाय भी अपना सकते हैं  मान्यता है इस दिन भगवान शिव को तिल और जौ जरूर अर्पित करने चाहिए। तिल से जहां कष्टों से मुक्ति मिलती है, वही जौ से घर में सुख समृद्धि आती है ,महाशिवरात्रि के मौके पर 101 बार शिवलिंग का जलाभिषेक करें। चाय के दौरान ॐ हौं जूं सः, ॐ भूर्भुवः स्वः जैसे मंत्रों का जाप करते रहें। ऐसा करने पर रोगी की बीमारी दूर होने में मदद मिलती है ,साथ ही इस दिन बिल्वपत्र यानी बेल की पत्तियों पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखकर भगवान शिव को अर्पित करने से भगवान बेहद प्रसन्न होते हैं। इससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं ,अगर काफी कोशिशों के बावजूद भी विवाह के लिए सही वर या वधु नहीं मिल रहा है। तो इस बाधा को दूर करने हेतु आप शिवलिंग दूध में केसर डालकर भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं। ऐसा करने से जल्दी ही विवाह के योग बनते हैं  शिवरात्रि के मौके पर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना भी शुभ माना जाता है, इस प्रक्रिया के दौरान आप भगवान शिव का ध्यान करते हैं तो धन की प्राप्ति होने के अवसर बढ़ते हैं ,कर्ज मुक्ति मंत्र शिवजी के साथ देवराज इंद्र का पूजन करें।
रुद्र सूक्त का पाठ करें, तिल में घी, गुरूच, चावल, शक्कर मिलाकर शाम को हवन करें तिल मिश्रित खीर का भोग लगाकर भक्तों में बाटें, नमक, लोहा, तेल, उड़द, सोंठ, काली मिर्च, फल, सफेद चंदन का दान जरूर करें ,पान चढ़ाने से कर्ज से आपको मुक्ति जरूर मिलेगी, जल में इत्र मिलाकर भगवन शिव का अभिषेक करें,, केलाअनार अर्पित करें ,दही से भगवान शिव का अभिषेक करें, दही युक्त भोजन ग्रहण करें हो सके तो ब्राह्मण स्त्री को सुहाग सामग्री आप भेट भेंट करें,
शिवरात्रि के दिन सुबह के समय भगवान शिव को दूध मिश्री मिला जल अर्पित करें ,इसकी एक धारा लगातार शिवलिंग पर चढ़ाते रहें , उस समय नमः शिवाय या "शिव - शिव" का मन ही मन जाप करें ,शिव लिंग से स्पर्श कराके पांच-मुखी रुद्राक्ष कण्ठ में लाल धागे में धारण करें ,मिट्टी के दीए में गाय का घी भरकर उसमें कलावे की चार बाती लगाएं और उसमें कपूर रखकर जलाएं. उसके बाद भगवान शिव को जल में चावल दूध मिश्री आदि मिलाकर अर्पण करें ,मंदिर में ही "नमः शिवाय" का यथाशक्ति जाप करें ,शिवजी से अच्छे स्वास्थ्य तथा लम्बी आयु की प्रार्थना करें, शिवरात्रि के दिन चांदी के लोटे द्वारा जलधारा से भगवान शिव का अभिषेक करें ,उस समय मन ही मन "नमः शिवाय" कहते जाएं, भगवान शिव को सफेद फूल दोनों हाथों से अर्पण करते समय रोजगार प्राप्ति की प्रार्थना करें ,संध्याकाल को शिव मंदिर में 11 घी के दीपक जलाएं, पति पत्नी मिलकर शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गाय का शुद्ध घी अर्पण करें ,फिर शुद्धजल की धारा अर्पित करें तथा संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें , यह प्रयोग पति पत्नी अलग अलग न करें एक साथ करें तो उत्तम होगा, 11 साबुत बेलपत्र पर  सफेद चंदन से राम राम लिखकर शिवलिंग पर अर्पण करें ,शीघ्र विवाह के लिए करें ये उपाय ,शिवरात्रि के दिन शाम 5 से 6 बजे के बीच पीले वस्त्र धारण करके शिव मंदिर जाएं ,शिवलिंग पर उतने बेलपत्र चन्दन लगाकरअर्पित करें जितनी आपकी उम्र है ,एक एक करके बेलपत्र  "नमः शिवाय" कहते हुये शिवलिंग पर उल्टा करके अर्पण करें ,वहीं पर गूगल की धूप जलाकर शिवलिंग को दिखाएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें, सुखद दाम्पत्य जीवन का करें उपाय, पति पत्नी प्रदोष काल मे स्वच्छ वस्त्र पहनकर शिव मंदिर जाएं ,चांदी या स्टील के लोटे से एक साथ शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें उसके बाद गंगाजल अर्पण करें ,अर्पण करते समय "शिव - शिव" या नमः शिवाय कहते जाएं, इसके बाद शिवलिंग पर गुलाब के 27 फूल अपने दायें हाथ से अर्पित करें ,शुद्ध गाय के घी का दीया जलाएं और गुग्गल की धूप दिखाएं ,दोनों हाथ जोड़कर सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें,  घर आते समय किसी जरूरतमंद महिला को फल खिलाएंवाहित स्त्रियों के पति की आयु बढ़ जाती है, महाशिवरात्रि के दिन स्नान आदि करके मां पार्वती के साथ भगवान शिव का पूजन करें। इसके बाद मां को श्रृंगार के सामान भेंट करें। ऐसा करने से विवाहित स्त्रियों के पतियों की लिए उम्र लंबी होती है।जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि दोष मौजूद होता है उन्हें महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को शमी के पत्र चढ़ाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शनि ग्रह शांत होता है और कुंडली में मौजूद शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया या कोई भी अशुभ योग का प्रभाव कम होने लगता है।आर्थिक संकट दूर करने के लिए ,लंबे समय से परिवार में आर्थिक परेशानियां झेल रहे हैं तो ‘ऊँ शं शिवाय शं ऊँ नमः’ मंत्र का कम से कम 21 बार जाप करें. आप चाहें तो पांच, सात, 11 या 21 51 108  मालाएं भी कर सकते हैं लेकिन जाप रुद्राक्ष की माला से ही करें ,इसके अलावा बेलफल से हवन करें, वैवाहिक जीवन मेंं खुशियां लाने के लिए
अगर आपके वैवाहिक जीवन में किसी तरह की परेशानी है तो महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करें और बेल के तने पर थोड़ा-सा घी चढ़ाएं. इसके अलावा ‘ऊँ शिवाय नमः ऊँ’ मंत्र का कम से कम 51 बार जाप करें ,बेहतर जीवनसाथी के लिए अगर आपको बेहतर जीवनसाथी की तलाश है तो महाशिवरात्रि से बेहतर कोई दिन नहीं. ये दिन माता पार्वती और शिवजी के मिलन का दिन है. इस दिन माता पार्वती और महादेव दोनों की विधि विधान से पूजा करें. माता के समक्ष नारियल भेंट करें. इसके बाद ‘निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाश वासं भजेऽहं’ मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें और भगवान से बेहतर जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करें ,विशेष कार्य सिद्धि के लिए ,अगर आप लंबे समय से किसी काम के लिए प्रयास कर रहे हैं और सफलता नहीं मिल पा रही है तो शिवरात्रि के पावन अवसर पर महादेव की विधिवत पूजा के साथ तिल से हवन करें और बेल के पेड़ का पूजन करें. ‘ऊँ शं शंकराय भवोद्भवाय शं ऊँ नमः’ मंत्र का जाप करें ,ऑफिस में बेहतर परफॉरमेंस के लिए अगर ऑफिस में मेहनत के बावजूद आपको परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं तो आप महाशिवरात्रि के दिन बालू, राख, गोबर, गुड़ और मक्खन मिलाकर एक छोटा-सा शिवलिंग बनाएं और इसका विधि विधान से पूजन करें. इस दौरान शिव जी के इस मंत्र का जाप करें- ‘नमामिशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं’. पूजा के बाद सभी चीजों को उस दिन उसी स्थान पर रहने दें. अगले दिन नदी में प्रवाहित कर दें.शिवलिंग का 101 बार जलाभिषेक करें। साथ ही ॐ हौं जूं सः। ॐ भूर्भुवः स्वः। ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्व्वारुकमिव बन्धानान्मृत्यो मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ। सः जूं हौं ॐ। मंत्र का जप करते रहें। इससे बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है, शिवरात्रि के दिन आटे से 11 शिवलिंग बनाएं व 11 बार इनका जलाभिषेक करें। इस उपाय से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।श, शिवरात्रि पर घर में पारद के शिवलिंग की स्थापना योग्य ब्राह्मण से सलाह कर स्थापना कर प्रतिदिन पूजन कर सकते हैं। इससे आमदनी बढ़ने के योग बनते हैं ,महाशिवरात्रि के दिन घर में स्फटिक का शिवलिंग लाकर स्थापित करें और नियमित इसकी पूजा करें तो घर से सारे नकारात्मक प्रभाव दूर जाएंगे। इससे धन और सुख में आने वाली बाधा दूर होगी ,वास्तुशास्त्र में स्फटिक शिवलिंग को वास्तुदोष से मुक्ति प्रदान करने वाला बताया गया है। जिस घर में यह शिवलिंग होता है उस घर में किसी प्रकार के वास्तुदोष का अशुभ प्रभाव नहीं होता है ,बुरी नजर से रक्षा करता है त्रिशूल - कहा जाता है शिव जी का त्रिशूल शांत मन प्रदान करता है और घर में त्रिशूल के रखने से परिवार को कभी किसी की नजर नहीं लगती। इसी के साथ घर में जन्मी नई संतान के को बुरी नजर से बचाने के लिए पवित्र शिवरात्रि के दिन उसके ग्ले में त्रिशूल बांध सकते हैं। कहते हैं ऐसा करने से बच्चे को किसी की बुरी नजर नहीं लगती ,डमरू से बढ़ती है एकाग्रता - डमरू को शास्त्रों में विशेष स्थान मिला है और वास्तु से लेकर ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि डमरु को घर में रखने से किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी घर में प्रवेश नहीं करती ,नाग करेगा मुश्किलें खत्म - जीवन में आ रहीं लगातार मुश्किलें हटानी है तो महाशिवरात्रि के दिन शिव जी के मंदिर जाकर गले में नाग वाला लॉकेट पहन लें। कहते हैं इस शुभ दिन घर पर भी पूजा भी करनी चाहिए ,बेलपत्र - आप सभी जानते ही होंगे भोलेनाथ की पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी है। ऐसे में अगर घर में शिव का मंदिर बना हुआ है तो रोजाना उन्हें बेलपत्र चढ़ाने से घर में दरिद्रता नहीं आती है और मन शांत रहता है ,कच्चा दूध - कहते हैं शिवरात्रि के दिन अपने ग्ले में रुद्राक्ष धारण किया जाना चाहिए लेकिन उससे पहले उसे एक बार कच्चे दूध के साथ जरुर धो लें, इससे आपको बड़ा लाभ होगा ,शिवरात्रि पर रात में किसी शिव मंदिर में दीपक जलाएं, शिवपुराण के अनुसार कुबेर देव ने पूर्व जन्म में रात के समय शिवलिंग के पास रोशनी की थी। इसी वजह से अगले जन्म में वे देवताओं के कोषाध्यक्ष बने ,महाशिवरात्रि पर छोटा सा पारद (पारा) शिवलिंग लेकर आएं और घर के मंदिर में इसे स्थापित करें। शिवरात्रि से शुरू करके रोज़ इसकी पूजा करें। इस उपाय से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी कृपा बनी रहती है ,हनुमानजी भगववान शिव के ही अंशावतार माने गए हैं। शिवरात्रि पर हनुमान चालीस का पाठ करने से हनुमानजी और शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होती हैं। इनकी कृपा से भक्त की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं ,किसी सुहागिन को सुहाग का सामान उपहार में दें। जो लोग यह उपाय करते हैं, उनके वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं ,सुहाग का सामान जैसे- लाल साडी, लाल चूड़ियां, कुमकुम आदि ,शिवरात्रि पर किसी बिल्व वृक्ष के नीचे खड़े होकर खीर और घी का दान करते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। ऐसे लोग जीवनभर सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं और कार्यों में सफल होते हैं ,महाशिवरात्रि पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अनाज और धन का दान करें। शास्त्रों में बताया गया है कि गरीबों को दान करने से पुराने सभी पापो का असर खत्म हो सकता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है ,जल दुध पंचामृत चढ़ाते समय शिवलिंग को हथेलियों से रगड़ना चाहिए। इस उपाय से किसी की भी किस्मत बदल सकती हैं ,जल में केसर मिलाएं और ये जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुडी समस्याएं खत्म होती हैं ,यदि आप लंबी उम्र चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ दूर्वा चढ़ाएं। इससे शिवजी और गणेशजी की कृपा से सुख-समृद्धि भी बढ़ती हैं ,चावल पकाएं और उन चावलों से शिवलिंग का श्रृंगार करें। इसके बाद पूजा करें। इससे मंगलदोष शांत होते हैं ,समय-समय पर शिवजी के निमित सवा किलो या सवा पांच किलो या 11 किलो या 21 किलो गेहूं या चावल का दान करें ,शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय काले तिल मिलाएं। इस उपाय से शनि दोष और रोग दूर होते है ,बीमारियों के कारण परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही हैं तो पानी में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। ये उपाय रोज़ करें ,मनचाही गाडी चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ चमेली के फूल चढ़ाएं और शिव मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जप 108 बार रोज़ करें।11 बिल्वपत्रों पर चंदन से ॐ नमः शिवाय या श्रीराम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं ,शिवलिंग पर रोज़ धतूरा चढाने से घर और संतान से जुडी समस्याएं दूर होती हैं। ये उपाय संतान को सभी कार्यों में सफलता दिलवाता है।नियमित रूप से आंकड़े के फूलों की माला बनाकर शिवलिंग पर चढ़ातेलक्ष्मी की स्थायी कृपा पाना चाहते हैं तो शिवलिंग पर रोज़ चावल चढ़ाएं। चावल पूरे यानी अखंडित होने चाहिए ,महाशिवरात्रि के दिन शिव का अभिषेक करने के बाद जलढ़री का जल घर ले आएं. इसके बाद 'ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च'। यह मंत्र को बोलते हुए पूरे घर में इस पवित्र जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी और घर-परिवार में खुशहाली बनी रहेगी ,अगर बराबर घर में आपसी कलह-क्लेश, रोग या अन्य समस्याएं हैं तो उसे दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व दिशा में रूद्राभिषेक करना शुभ होता है ,भले ही कोई व्यक्ति वर्ष भर में कोई व्रत नहीं रखता हो, लेकिन युगों युगों से यह मान्यता रही है कि फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर महाशिवरात्री के दिन जो भी भक्त सच्चे दिल से भगवान भोलेनाथ की आराधना हेतु उपवास रखता है तो उसे मात्र महाशिवरात्रि के व्रत रखने से वर्ष भर के सभी व्रतों का फल मिल जाता है। अतः भगवान शिव पर विश्वास रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस दिन उपवास कर भगवान भोलेनाथ का पूजन करता है ,इस दिन गरीबों, असहाय, दीन दुखियों को भोजन कराने वालों पर भगवान भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं। माना जाता है ऐसा करने से घर में कभी भी भोजन की कमी नहीं रहती, और पितरों की भी आत्मा को सुकून मिलता है,  जल में कुछ तिल डालकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें और मन ही मन ॐ नमः शिवाय का उच्चारण करें इससे मन को असीम शांति मिलती है ,इस दिन माना जाता है घरों में आटे के 11 शिवलिंग बनाने चाहिए और उन 11 शिवलिंगों में जलाभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने पर घर में संतान प्राप्ति के योग में वृद्धि होती है ,शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव के वाहन नंदी बैल को हरा चारा खिलाने से घर में सुख शांति समृद्धि आती है। अतः आप शिवरात्रि के दिन ये उपाय भी अपना सकते हैं, मान्यता है इस दिन भगवान शिव को तिल और जौ जरूर अर्पित करने चाहिए। तिल से जहां कष्टों से मुक्ति मिलती है, वही जौ से घर में सुख समृद्धि आती है, महाशिवरात्रि के मौके पर 101 बार शिवलिंग का जलाभिषेक करें। चाय के दौरान ॐ हौं जूं सः, ॐ भूर्भुवः स्वः जैसे मंत्रों का जाप करते रहें। ऐसा करने पर रोगी की बीमारी दूर होने में मदद मिलती है ,साथ ही इस दिन बिल्वपत्र यानी बेल की पत्तियों पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखकर भगवान शिव को अर्पित करने से भगवान बेहद प्रसन्न होते हैं। इससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं ,अगर काफी कोशिशों के बावजूद भी विवाह के लिए सही वर या वधु नहीं मिल रहा है। तो इस बाधा को दूर करने हेतु आप शिवलिंग दूध में केसर डालकर भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं। ऐसा करने से जल्दी ही विवाह के योग बनते हैं, शिवरात्रि के मौके पर मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना भी शुभ माना जाता है, इस प्रक्रिया के दौरान आप भगवान शिव का ध्यान करते हैं तो धन की प्राप्ति होने के अवसर बढ़ते हैं ,कर्ज मुक्ति मंत्र
शिवजी के साथ देवराज इंद्र का पूजन करें ,रुद्र सूक्त का पाठ करें तिल में घी, गुरूच, चावल, शक्कर मिलाकर शाम को हवन करें ,तिल मिश्रित खीर का भोग लगाकर भक्तों में बाटें।
नमक, लोहा, तेल, उड़द, सोंठ, काली मिर्च, फल, सफेद चंदन का दान जरूर करें ,पान चढ़ाने से कर्ज से आपको मुक्ति जरूर मिलेगी ,जल में इत्र मिलाकर भगवन शिव का अभिषेक करें, केला, अनार अर्पित करें ,दही से भगवान शिव का अभिषेक करें, दही युक्त भोजन ग्रहण करें ,हो सके तो ब्राह्मण स्त्री को सुहाग सामग्री आप भेट भेंट करें,शिवरात्रि के दिन सुबह के समय भगवान शिव को दूध मिश्री मिला जल अर्पित करें ,इसकी एक धारा लगातार शिवलिंग पर चढ़ाते रहें ,उस समय नमः शिवाय या "शिव - शिव" का मन ही मन जाप करें ,शिव लिंग से स्पर्श कराके पांच-मुखी रुद्राक्ष कण्ठ में लाल धागे में धारण करें ,मिट्टी के दीए में गाय का घी भरकर उसमें कलावे की चार बाती लगाएं और उसमें कपूर रखकर जलाएं. उसके बाद भगवान शिव को जल में चावल दूध मिश्री आदि मिलाकर अर्पण करें , शिवमंदिर में ही "नमः शिवाय" का यथाशक्ति जाप करें ,शिवजी से अच्छे स्वास्थ्य तथा लम्बी आयु की प्रार्थना करे ,शिवरात्रि के दिन चांदी के लोटे द्वारा जलधारा से भगवान शिव का अभिषेक करें ,उस समय मन ही मन "नमः शिवाय" कहते जाएं ,भगवान शिव को सफेद फूल दोनों हाथों से अर्पण करते समय रोजगार प्राप्ति की प्रार्थना करें ,संध्याकाल को शिव मंदिर में 11 घी के दीपक जलाएं.
पति पत्नी मिलकर शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गाय का शुद्ध घी अर्पण करें ,फिर शुद्धजल की धारा अर्पित करें तथा संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें ,यह प्रयोग पति पत्नी अलग अलग न करें एक साथ करें तो उत्तम होगा ,11 साबुत बेलपत्र पर सफेद चंदन से राम राम लिखकर शिवलिंग पर अर्पण करें.
शीघ्र विवाह के लिए करें ये उपाय ,शिवरात्रि के दिन शाम 5 से 6 बजे के बीच पीले वस्त्र धारण करके शिव मंदिर जाएं ,शिवलिंग पर उतने बेलपत्र चन्दन लगाकरअर्पित करें जितनी आपकी उम्र है, एक एक करके बेलपत्र "नमः शिवाय" कहते हुये शिवलिंग पर उल्टा करके अर्पण करें ,वहीं पर गूगल की धूप जलाकर शिवलिंग को दिखाएं और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें ,सुखद दाम्पत्य जीवन का करें उपाय ,पति पत्नी प्रदोष काल मे स्वच्छ वस्त्र पहनकर शिव मंदिर जाएं चांदी या स्टील के लोटे से एक साथ शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें उसके बाद गंगाजल अर्पण करें ,अर्पण करते समय "शिव - शिव" या नमः शिवाय कहते जाएं ,इसके बाद शिवलिंग पर गुलाब के 27 फूल अपने दायें हाथ से अर्पित करें ,शुद्ध गाय के घी का दीया जलाएं और गुग्गल की धूप दिखाएं ,दोनों हाथ जोड़कर सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें ,घर आते समय किसी जरूरतमंद महिला या बच्चियों को फल खिलाएं इसके साथ ही मित्रों शिवलिंगी और मैन फल चढाने से भी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं कुछ उपाय इसमें दो या तीन बार है जरा ध्यान रखें,और हां अभी अंतिम भाग बाकी है नादान बालक की कलम से यह भाग यही तक धन्यवाद आप सभी का जय मां बाबा की ,,
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹

महाशिवरात्रि के उपाय भाग 4

महाशिवरात्रि पर उपाय भाग 4 

 मित्रों जैसा आप सभी देख रहे की ये सभी उपाय हर साल वापस रिपीट होते ही होते हैं लेकिन हम भी हर साल आपको याद दिला ही देते हैं हमारी सारी जानकारी आमजन के लिए है ताकि वो ये सब करके अपनी समस्याओं से निजात पा सके बाकी सभी का अपना अपना महत्व है ,
मित्रों कहा जाता है कि भगवान शिव मां पार्वती, बेटे भगवान गणेश जीऔर भगवान कार्तिकेय जीकी तस्वीर लगाने से घर के बच्चे आज्ञाकारी होते हैं, भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र ओम नमः शिवाय का निरंतर जाप करने से सभी मनोरथ की प्राप्ति होती है जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिएजो लोग स्वयं का घर बनाने की इच्छा रखते है उन्हे अपनी इच्छा पूर्ति के लिए शिव रुद्राभिषेक - शहद से करना चाहिए और मित्रों हमने जैसा पहले की पोस्ट में बताया था किजो लोग अनावश्यक शत्रु पीड़ा से परेशान है उन्हे श्याम शिवलिंग का सरसो के तेल से रुद्राभिषेक करना चाहिए किसी आचार्य या ज्योतिषाचार्य और किसी तंत्र जानकर के अनुसार सरसों के तेल का रुद्राभिषेक होता है बाबा हनुमानजी का भी सरसों तेल से रुद्राभिषेक होता है पर आप ये किसी जानकार के सानिध्ये में करे तो उचित है अथवा परामर्श जरुर लें ,संतान प्राप्ति के लिए मक्खन के शिवलिंग बनाकर गंगाजल से रुद्राभिषेक करे ,परीक्षा मे सफलता प्राप्ति हेतु दूध , भांग मिलाकर शिवजी का पूजन करे और मित्रोंजो लोग किसी बीमारी से .परेशान है वे शिवजी का गाय के घी से भगवान शिव का अभिषेक करे और हांव्यापार मे तरक्की के लिए स्फटिक से बने शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करे ,सभी प्रकार के सुखो की प्राप्ति हेतु पारे के बने शिवलिंग का नित्य पूजन करे पारे के शिवलिंग के यानि पारद शिवलिंग के लिए आठ संस्कार सहित के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं ,और जो लोग आर्थिक तंगी से परेशान है वे लोग शिव दरिद्रदहन स्त्रोत का नियमित रूप से पाठ करे और जो लोग शनि, राहु , केतु की महादशा से परेशान है वे लोग भगवान शिव का अभिषेक पानी मे काले तिल मिलकर करे और मित्रों जो पुत्र प्राप्ति के लिए नियमित रूप से सोमवार का व्रत रखे साथ ही शिलिंग का पंचामृत से अभिषेक करे और हांअगर आपके जीवन मे अकारण ही परेशानिया आ रही है तो भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जप करना परम फलदायी है ,भगवान शिव को चंदन का इत्र अर्पित करने से अखंड वेभव की प्राप्ति होती है मित्रों अगर आप मानसिक परेशानियो से परेशान है तो भगवान शिव का अभिषेक दूध मे शक्कर मिलाकर करे मित्रो भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए नियमित रूप से संध्या के समय रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करे और सभी कर्मों में ॐ नमो शिवाय का जाप भी करते जाये तो उचित समय पर आपकी सभी समस्या का समाधान भी होगा आगे और भी है पर विश्वास और श्रद्धा आपकी होनी चाहिए, नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी  मित्रों महाशिवरात्रिपर अगर आप विधिवत पूजा या जप करें तो भगवान शिव की कृपा धन पर भी होती है। घर की सुख शांति के लिए सवा किलो जौ की पोटली लीजिए फिर उसे शिवलिंग पर अर्पित करके तिजोरी में रख दीजिए। यह उपाय धन वृद्धि के लिए बहुत लाभदायक माना गया है मित्रों महाशिवरात्रि पर जागरण करना अत्यंत लाभदायक कहा जाता है मित्रों इस दिन शिवमंत्रों का जाप करने से सोया हुआ भाग्य भी जग जाता है ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और घर में सुख शांति रहती है इस दिन शिवभक्त रात्रि जागरण कर भगवान शंकर की पूजा और जाप करते है और महाशिवरात्रि के दिन, दिन में सोना नहीं चाहिए ,महाशिवरात्रि पर कालसर्प दोष दूर करने के लिए घर के मुख्य दरवाजे को हल्दी के पानी से धोना चाहिए हल्दी के पानी से धोने के बाद स्वास्तिक बनाना चाहिए और ईशान कोण में दीप जलाकर भगवान शिव की भक्ति करना चाहिए, मित्रों ये पोस्ट काफी लम्बी होने वाली है , मित्रोंघर में सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए. घर में कलेश, रोग, और परेशानियों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है. और मित्रों अगर घर में वास्तु दोष है तो उसको दूर करने के लिए घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं और उसे जल दें साथ ही शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं. अगर घर के कलेश दूर करने है तो इसके लिए भगवान शिव मां पार्वती, बेटे गणेश और कार्तिकेय की तस्वीर लगाएं. इससे घर के बच्चे आज्ञाकारी होते हैं. जैसा हमने ऊपर बताया है मित्रों महाशिवरात्री के दिन कुंवारी कन्याओं को सुबह स्नान आदि के बाद मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करने की सलाह दी जाती है ,इस दिन मां गौरी की पूजा भी अवश्य करें ऐसा करने से आपका विवाह आपके मनचाहे साथी के साथ और शीघ्र होता है मित्रों शिवरात्रि के दिन सही विधि विधान से पूजा की जाए तो विघर में सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए. घर में कलेश, रोग, और परेशानियों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है ,घर में वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं और उसे जल दें साथ ही शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं ,घर के कलेश दूर करने के लिए भगवान शिव मां पार्वती, बेटे गणेश और कार्तिकेय की तस्वीर लगाएं. इससे घर के बच्चे आज्ञाकारी होते हैं, शिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याओं को सुबह स्नान आदि के बाद मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करने की सलाह दी जाती है इस दिन मां गौरी की पूजा भी अवश्य करें ऐसा करने से आपका विवाह आपके मनचाहे साथी के साथ और शीघ्र होता है, शिवरात्रि के दिन ही सही विधि विधान से पूजा की जाए तो विवाहित स्त्रियों के पति की आयु बढ़ जाती है महाशिवरात्रि के दिन स्नान आदि करके मां पार्वती के साथ भगवान शिव का पूजन करें इसके बाद मां को श्रृंगार के सामान भेंट करें ऐसा करने से विवाहित स्त्रियों के पतियों की लिए उम्र लंबी होती है जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि दोष मौजूद होता है उन्हें महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को शमी के पत्र चढ़ाने की सलाह दी जाती है ऐसा करने से शनि ग्रह शांत होता है और कुंडली में मौजूद शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया या कोई भी अशुभ योग का प्रभाव कम होने लगता है आर्थिक संकट दूर करने के लिए , मित्रों लंबे समय से परिवार में आर्थिक परेशानियां झेल रहे हैं तो ‘ऊँ शं शिवाय शं ऊँ नमः’ मंत्र का कम से कम 21 बार जाप करें. आप चाहें तो पांच, सात, 11 या 21  51, 108 मालाएं भी कर सकते हैं. लेकिन जाप रुद्राक्ष की माला से ही करें. इसके अलावा बेलफल  से हवन करें, मित्रों उपाय कई है अगर वैवाहिक जीवन मेंं खुशियां लाना है तो आपके वैवाहिक जीवन में किसी तरह की परेशानी है तो महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करें और बेल के तने पर थोड़ा-सा घी चढ़ाएं. इसके अलावा ‘ऊँ शिवाय नमः ऊँ’ मंत्र का कम से कम 51 ,108 बार जाप करें, आपको बेहतर जीवनसाथी की तलाश है तो महाशिवरात्रि से बेहतर कोई दिन नहीं. ये दिन माता पार्वती और शिवजी के मिलन का दिन है. इस दिन माता पार्वती और महादेव दोनों की विधि विधान से पूजा करें. माता के समक्ष नारियल भेंट करें. इसके बाद ‘निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाश वासं भजेऽहं’ मंत्र का 11, 21 ,51, 108 बार जाप करें और भगवान से बेहतर जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करें, मित्रों अगर आप लंबे समय से किसी काम के लिए प्रयास कर रहे हैं और सफलता नहीं मिल पा रही है तो शिवरात्रि के पावन अवसर पर महादेव की विधिवत पूजा के साथ तिल से हवन करें और बेल के पेड़ का पूजन करें. ‘ऊँ शं शंकराय भवोद्भवाय शं ऊँ नमः’ मंत्र का जाप करें , और मित्रों ऑफिस में मेहनत के बावजूद आपको परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं तो आप महाशिवरात्रि के दिन बालू, राख, गोबर, गुड़ और मक्खन मिलाकर एक छोटा-सा शिवलिंग बनाएं और इसका विधि विधान से पूजन करें. इस दौरान शिव जी के इस मंत्र का जाप करें- ‘नमामिशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं’. पूजा के बाद सभी चीजों को उस दिन उसी स्थान पर रहने दें. अगले दिन नदी में प्रवाहित कर दें.शिवलिंग का 101 बार जलाभिषेक करें। साथ ही ॐ हौं जूं सः। ॐ भूर्भुवः स्वः। ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्व्वारुकमिव बन्धानान्मृत्यो मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ। सः जूं हौं ॐ। मंत्र का जप करते रहें। इससे बीमारी ठीक होने में लाभ मिलता है, मित्रों आगे और भी है क्षमा चाहते हैं नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगले भाग में धन्यवाद मित्रों अच्छा लगे तो शेयर करें और जानकारी सभी आमजन तक पहुंचाएं 
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹

महाशिवरात्रि के उपाय भाग 3

महाशिवरात्रि के उपाय भाग 3


मित्रों जैसा की आप देख ही रहे कि पोस्ट कितनी लम्बी होती जा रही है पर आप सभी का साथ बना रहे मित्रों शिवरात्रि को अपनी सामर्थ्यानुसार दान अवश्य ही करना चाहिए इस दिन किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, चीनी, घी, तिल, सफ़ेद वस्त्र और धन का दान करें शास्त्रों महाशिवपुराण के अनुसार इस दिन दान करने से सभी जन्मो के पाप नष्ट होते हैं, पितरों का उद्दार होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन अनाज के दान से सुख समृद्धि, चीनी और घी के दान से मान सम्मान, ऐश्वर्य और पारिवारिक सुख, तिल के दान से आरोग्य , दीर्घायु एवं धन के दान से आकस्मिक आपदाओं से भी रक्षा होती है  यदि आप काल सर्पदोष  से पीड़ित है तो वो इंसान अपने जीवन में किसी न किसी परेशानी से जूझता रहता है प्रश्न रखता है कि अधिक मेहनत करने के बाद भी फल नहीं मिलता तो महाशिवरात्रि के दिन आप सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कार्य से निर्वतृ होकर अपना नित्य कर्म करके किसी सार्वजनिक मंदिर बाबा भोलेनाथ के मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा के सामने महामृत्युंजय मंत्र के साथ एक  एक बिल्वपत्र भगवान शिव को चढ़ाते रहें हो सके तो मित्रो इसको किसी मूर्ति की एकांत के समय पंचामृत के साथ करें ताकि आपका उस पर अभिषेक हो जाए और आनन्द आ जाये नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगले भाग में,और मित्रों यहां आपको अगर समय ना मिले तो सावन भी नजदीक है अगर दोनों क्रिया कर ले तो‌ आपको जिंदगी में कभी अकाल मृत्यु या कालसर्प दोष का भय नहीं रहेगा मित्रों सावन के सोमवार नाग पंचमी  के दिन शिव मंदिर में शिवलिंग पर चांदी ,या ताम्बे के नाग को चढ़ा कर उसकी पूजा करें, पितरों का स्मरण करें तथा भगवान भोलेनाथ से अपने ऊपर काल सर्पदोष से मुक्ति की प्रार्थना करते हुए श्रध्दापूर्वक बहते पानी में नागदेवता का विसर्जन करें इससे काल सर्पदोष से छुटकारा मिलता है और मित्रों पुरे सावन महीने में दुध और पानी से अभिषेक करते रहे ये शिवरात्रि से प्रारंभ करे ताकि भविष्य में कोई दिक्कत नहीं आये मित्रों अपने मन की किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति हेतु महाशिवरात्रि के दिन से 21 बिल्वपत्रों पर सफ़ेद या पीले चंदन से ऊँ नम: शिवाय  या श्री राम या शिव रामेश्वर लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं एवं भगवान भोलेनाथ को एकमुखी रुद्राक्ष अर्पण करें ,(काजू दाना रूद्राक्ष) इससे जीवन में सुख और सफलता मिलती है सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है ये कार्य आप महाशिवरात्रि से शुरू करके प्रत्येक सोमवार सावन महीने तक करें अति फलदाई है और मित्रों यदि आप मुक़दमे, कोर्ट कचहरी, शत्रुओं से परेशान है तो शिवरात्रि से सावन के सोमवार तक अधिक रुद्राष्टक का पाठ करें  शास्त्रों के अनुसार सावन के सोमवार महाशिव रात्रि को रूद्राष्टक का पाठ करने से वाद विवाद, मुक़दमे में विजय मिलती है शत्रु परास्त होते है उनसे छुटकारा मिलता है मित्रों दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सहयोग बनाये रखने के लिए महाशिवरात्रि और सावन सोमवार के दिन भगवन शिव की पूजा आराधना करने के बाद किसी सुहागिन को सुहाग का सामान जैसे लाल साड़ी, लाल चूडिय़ां, लाल बिंदियाँ आदि उपहार में दे इस उपाय को करने से भगवान शिव और माँ गौरा की कृपा से दाम्पत्य जीवन लम्बा और सुखमय होता है  मित्रों अगर घर का कोई सदस्य बीमार हो तो महाशिवरात्रि और सावन के प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की पूर्ण विधि विधान से पूजा करने के बाद महा मृत्युंजय के मन्त्र की 11 माला का जाप करें फिर प्रतिदिन एक माला अवश्य ही जपें  यदि संभव हो सके तो उस दिन शिवमंदिर में ही मृत्युंजय मन्त्र की माला जपे । इससे रोग दूर होकर आरोग्य एवं दीर्घ आयु प्राप्त होती है भगवान शिव को बिल्व पत्र अत्यंत प्रिय है , शिवपुराण अनुसार महाशिवरात्रि और सावन के सोमवार के दिन बिल्व पत्र के वृक्ष की पूजा-अर्चना कर उन्हें जल चढ़ाकर वहाँ पर धूप अगरबत्ती अवश्य ही चढ़ाना चाहिए इससे मनावांछित इच्छाएँ पूर्ण होती है और मित्रों महाशिवरात्रि की और भगवान शिव से जुड़ी हुई कई कहानियां किस्से मशहूर है इस दिन भगवान शिव की और मां पार्वती की पूजा होती और मनचाहा वरदान मिलता है क्योंकि महाशिवरात्रि मां बाबा की विवाह की साक्षी है इसलिए मित्रों आप महाशिवरात्रि के दिन कुछ उपायों को करके आप अपनी जिंदगी में खुशियां ला सकते हैं महाशिवरात्रि के दिन एक लोटा लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने से बाबा भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और महाशिवरात्रि के दिन अनुसार पूजा विधि मुहूर्त अनुसार करने से भी बाबा महाकाल प्रसन्न होते हैं उसी लोग की प्राप्ति होती है और शिवरात्रि पर ही महाशिवपुराण का अखंड पाठ करने से श्री की प्राप्ति भी होती है शिवरात्रि पर पानी में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर ओम नमः शिवाय का मंत्र जाप करते हुए जल चढ़ाने से भी मन को शांति मिलती है और उसी दिन से 11 शिवलिंग मिट्टी से आटे से बनाकर 11 बार पंचामृत से अभिषेक करने से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं शिवरात्रि के दिन शिव पार्वती और केसर युक्त दूध शिवलिंग पर चढ़ाने से जल्द ही विवाह के योग बनते हैं क्योंकि महाशिवरात्रि का पर्व ही बाबा महाकाल और मां पार्वती के विवाह का साक्षी है अगर किसी को नौकरी में दिक्कत है तो शिवरात्रि के दिन पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखकर चढ़ाएं जल्दी ही नौकरी मिलती है या योग बन जाते शत्रुओं से मुक्ति के लिए इस दिन नंदी महाराज को हरा चारा खिलाएं इससे नौकरी के योग भी बनते हैं अगर जीवन पर्यंत करते रहे तो आपके कहीं कष्टों का हनन होता है इस दिन आप मछलियों को 108 108 के मात्रा में आटे की गोलियां बना लें और हम नमः शिवाय का मंत्र जाप करते रहे और उनको खिलाते रहे और महाशिवरात्रि पर कृपा पाने के लिए प्राप्त होता है मित्रों शेष अगले भाग में दिया जायेगा धन्यवाद नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगली पोस्ट में इंतजार करे और पोस्ट और ब्लॉग अच्छा लगे तो शेयर करें,,

जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹 


 

क्या उपाय करें क्या ना करे भाग 2

मित्रों क्या करे क्या ना करें भाग 2 

महाशिवरात्रि की उपाय और सावधानियों भाग 1

सभी मित्रों को जय मां बाबा की आज महाशिवरात्रि के जितने भी उपाय या सावधानियों चाहे एक भाग में लिखी जाये या दो भाग में उनको सरल वर्णन हम यहां कर रहे हैं आप सभी से

Wednesday, February 23, 2022

जानये शिवरात्रि कब है और क्या है शुभ मुहूर्त

जय मां जय महाकाल सभी मित्रों को 

मित्रों जैसा कि आप सभी जानते हैं आने वाली 1 फरवरी को महाशिवरात्रि है जिसके बारे में हम आपको यह बताने जा रहे हैं पोस्ट बहुत लंबी होने वाली है दो या तीन भागों में इसमें आपको सारे टोटके सरल उपाय दिये जाएंगे सारे उपाय महाशिवपुराण और अन्य सभी ग्रंथों से लिए गए हैं हमारे द्वारा पहले दिन को दिए गए थे सत प्रतिशत सफल रहे हैं बाकी मित्रों बाबा भोलेनाथ तो भोले बाबा है एक बात हमेशा हमेशा ध्यान रखें जितनी आपकी श्रद्धा है या जितनी आपकी शक्ति है इतना ही आपकी ना पूजा कर्म करें भोले बाबा कभी यह नहीं कहते कि तुम कर्जा लेकर मेरी पूजा करो तुम्हारे पास जितना है उतना करो दूध नहीं है दही नहीं है पंचामृत नहीं है कोई दिक्कत नहीं आपके इससे उनका भी अभिषेक करो इस पहली पोस्ट में जितना हो सके हैं देने की कोशिश करेंगे अगर इस पोस्ट में पूरी पोस्ट नहीं आई तुम अगला भाग लेकर आएंगे तो मित्रों आइए पहले जानते हैं नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगली पोस्ट में सभी पोस्टर पूरी देखें तभी आपकी समझ में आएगा कि हम कहना क्या चाहते हैं मां बाबा आपको सफलता दे जो करें पूर्ण विश्वास पूर्ण श्रद्धा सहित करें हमेशा ध्यान रखें मंत्रों से ज्यादा प्रिया फलीभूत होती है
   मुहूर्त
जैसा कि आप सभी जानते हो 

देवो के देव महादेव की उपासना का पर्व महाशिवरात्रि 2022 (Mahashivratri 2022) 
सनातन धार्मिक परंपराओं में काफी महत्व रखता है। इस दिन महादेव की पूजा अर्चना की जाती है और कैलाशपति भोले भंडारी को प्रसन्न करने के लिए उनके अनन्य भक्त कई तरह के उपाय करते हैं सनातनी हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि (mahashivratri 2022) का यह पवित्र त्योहार मनाया जाता है। हालांकि, दक्षिण भारतीय पंचांग (अमावस्यान्त पंचांग) में यह तिथि माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है। अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह दोनों ही तिथि एक ही दिन पड़ती है। इस दिन महादेव यानी भगवान शिव की पूजा वैदिक रिति रिवाजों और पूरे विधि-विधान से करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है, ऐसा माना जाता है।

कब है महाशिवरात्रि 2022 (mahashivratri 2022 kab hai)
महा शिवरात्रि पर्व तिथि – 1 मार्च 2022, दिन- मंगलवार
निशिता काल पूजा समय – 2 मार्च 12:14 AM से 02 मार्च 01:00 AM तक
निशिता काल पूजा अवधि – 46 मिनट्स
महाशिवरात्रि पारण समय – 02 मार्च को 06:48 AM

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 1 मार्च, 06:30 PM से 09:34 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 1 मार्च 09:34 PM से 02 मार्च 12:39 AM
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 2 मार्च 12:39 AM से 03:43 AM
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 2 मार्च 03:43 AM से 06:48 AM

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ – 01 मार्च 2022 को 03:16 AM से
चतुर्दशी तिथि समाप्त – 02 मार्च 2022 को 01:00 AM तक
मित्रों अभी जैसे जानते हैं कि महाशिवरात्रि 1 मार्च को है और महाशिवरात्रि की और भगवान शिव से जुड़ी हुई कई कहानियां किस्से मशहूर है इस दिन भगवान शिव की और मां पार्वती की पूजा होती और मनचाहा वरदान मिलता है आप महाशिवरात्रि के दिन कुछ उपायों को करके आप अपनी जिंदगी में खुशियां ला सकते हैं महाशिवरात्रि के दिन एक लोटा लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने से बाबा भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और महाशिवरात्रि के दिन अनुसार पूजा विधि मुहूर्त अनुसार करने से भी बाबा महाकाल प्रसन्न होते हैं उसी लोग की प्राप्ति होती है और शिवरात्रि पर ही महाशिवपुराण का अखंड पाठ करने से श्री की प्राप्ति भी होती है शिवरात्रि पर पानी में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर ओम नमः शिवाय का मंत्र जाप करते हुए जल चढ़ाने से भी मन को शांति मिलती है और उसी दिन से 11 आटे के शिवलिंग बनाकर  11 बार पंचामृत से अभिषेक करने से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं शिवरात्रि के दिन शिव पार्वती और केसर युक्त दूध शिवलिंग पर चढ़ाने से जल्द ही विवाह के योग बनते हैं क्योंकि महाशिवरात्रि का पर्व ही बाबा महाकाल और मां पार्वती के विवाह का साक्षी है अगर किसी को नौकरी नहीं है तो शिवरात्रि के दिन पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखकर चढ़ाएं जल्दी ही नौकरी मिलती है योग बन जाते शत्रुओं से मुक्ति के लिए इस दिन नंदी महाराज को हरा चारा खिलाएं इससे नौकरी के योग भी बनते हैं अगर जीवन पर्यंत करते रहे तो आपके कहीं कष्टों का हनन होता है इस दिन आप मछलियों को 108की मात्रा में आटे की गोलियां बना लें और हम नमः शिवाय का मंत्र जाप करते रहे और उनको खिलाते रहे और महाशिवरात्रि पर बाबा भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होता है नादान बालक की कलम से अभी बस इतना ही बाकी अगली पोस्ट में ,
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🌹🌹

Friday, January 28, 2022

कब से है गुप्त नवरात्रि और क्या करे

मित्रों जैसा की आप सभी जानते हैं कि 2 फरवरी से गुप्त नवरात्रि शुरू होने वाली है जो कि 2 फरवरी से लेकर 10 फरवरी तक है ये माँ के गुप्त नवरात्रि माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ  होते है माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 फरवरी दिन मंगलवार से आरंभ होगी ,परंतु प्रतिपदा का उदया तिथि 2 फरवरी दिन बुधवार पड़ रही है ,इसलिए पहले नवरात्र का व्रत 2 फरवरी दिन बुधवार को रखा जाएगा ,जो भक्त घट स्थापना करेंगे उनके लिए घट स्थापना करने का शुभ समय 2 फरवरी दिन बुधवार को सुबह 7 बजकर 9 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक शुभ है बाकी आप सभी को ज्ञात है कि वर्ष में एक शाकंभरी नवरात्रि और  वर्ष में चार नवरात्रि होती है दो प्रत्यक्ष और दो‌ गुप्त मित्रों इन चार नवरात्री में से दो को प्रत्यक्ष नवरात्र कहा गया है ,क्योंकि इनमें गृहस्थ और संन्यासी और साधक जीवन वाले साधना पूजन करते हैं  लेकिन जो दो गुप्त नवरात्रि होते हैं, उनमें

आमतौर पर साधक सन्यासी, सिद्धि प्राप्त करने वाले, तांत्रिक-मांत्रिक और कुछ ग्रहस्थ साधक जो अपनी मर्यादा में रहते हैं वो देवी या अपने आराध्य देवी देवताओं की साधना उपासना करते हैं, हालांकि चारों नवरात्रि में देवी और आराध्य देव या देवी सिद्धि प्रदान करने वाली होती हैं लेकिन गुप्त नवरात्रि के दिनों में देवी की दस महासिद्धविधाएं की पूजा विशेष रुप से की जाती है, जिनका तंत्र शक्तियों और सिद्धियों में विशेष महत्व है जबकि प्रत्यक्ष नवरात्रि में सांसारिक जीवन से जुड़ी हुई चीजों को प्रदान करने वाली देवी देवताओं और मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है हालांकि इसमें भी महासिद्धविधा और भैरव बाबा की कृपा प्राप्त की जा सकती है गुप्त नवरात्रि में अगर आमजन चाहें तो किसी विशेष इच्छा की पूर्ति या सिद्धि के लिए गुप्त नवरात्रि में साधना करके मनोरथ की पूर्ण कर सकते हैं और जो गुप्त नवरात्रि को गुप्त रहकर भी करते हैं मर्यादा पुर्वक तो उसको जन्म मरण से भी मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है और मित्रों गुप्त नवरात्रि के बारे में तो यहां तक कहा जाता है कि के जीवन में अपने आराध्य और सिद्ध विधा के जो कडे नियमों का पालन करते हैं उनको दुर्लभ सिद्धियां और अपने आराध्य की कृपा प्राप्त के प्रबल योग बन जाते हैं , मित्रों गुप्त नवरात्रि के दौरान, तंत्र मंत्र साधना में विश्वास करने वाले, अपने गुप्त तांत्रिक क्रियाकलापों के साथ-साथ सामान्य नवरात्रि की तरह ही उपवास करते हैं और अन्य अनुष्ठान करते हैं, 9 दिनों तक अखंड ज्योति जलाई जाती है, कलश स्थापन या घट स्थापना करके देवी मां दुर्गा के सामने दुर्गा सप्तशती मार्ग और मार्खदेव पुराण का पाठ किया जाता है ,नवरात्रि के सभी दिनों में उपवास या सात्विक आहार  या अल्पाहार का सेवन किया जाता है, इसलिए मित्रों ,,
1, नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य नियम का पालन करें
2, तामसिक भोजन का परित्याग करें
3, कुश की चटाई पर शैया करें
4, पीले या लाल वस्त्र धारण करें या जैसी आप पुजा या कामना करते हैं या जैसी आप साधना या मंत्र जपते हैं उसी तरह के वस्त्र जैसे दिगम्बर ,काले ,भगवे वस्त्र धारण कर सकते हैं यह सब समय स्थिति काल दिशा पर भी संभव है ,
5, निर्जला अथवा फलाहार उपवास रखें जैसी शक्ति हो वैसी क्रिया कर सकते हैं ,
6, देवी मां की पूजा-उपासना करें
7, लहसुन-प्याज का सेवन न करें छल कपट झुठ से बचे अनावश्यक अपना स्थान ना छोड़ ,
8, माता-पिता गुरू की सेवा और आदर सत्कार करें अपने बड़ों का और सम्माननीय के सामने अपशब्दों का प्रयोग ना करें किसी को अपने शब्दों से भटकाये नहीं  के निंदक ना बने अगर इनमें से आप कुछ करते हैं तो आपका आध्यात्मिक में होना ना होना बराबर है ,
वैसे मित्रों इन दिनों सभी देवी देवताओं की साधनाएं की जाती है पर प्रमुख ये है 
मां महि दुर्गा के नौ रूप शैल पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री माता हैं, जिनकी नवरात्रि में पूजा की जाती है और गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या देवियां तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुनेश्वरी, छिन्नमस्ता, काली, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी हैं, जिनकी गुप्त नवरात्रि में गुप्त तरीके से पूजा-उपासना की जाती है और हां इनमें भेरव बाबा और बाबा हनुमानजी की भी पूजा आराधना उपासना की जाती है इनके अलावा इतरयोनि साधना और श्मशानिक साधनाओं का समय रहता है निशाकाल में, हां मित्रों,
गुप्त नवरात्रि के दौरान  इन सभी का विशेष ध्यान रखें  घट स्थापना उसी तरह की जाती है जिस तरह से चैत्र और शारदीय नवरात्रि में होती है. सुबह-शाम की पूजा में मां को लौंग और बताशे का भोग लगाना आवश्यक होता है. नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी मित्रों इसके बाद मां को शृंगार का सामान जरूर अर्पित करें. सुबह और शाम दोनों समय पर दुर्गा सप्तशती का पाठ जरूर करें. 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करें. इससे आपके जीवन की सारी समस्याएं दूर हो सकती हैं ,इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान ,
गुप्त नवरात्रि के दौरान पूजा करते समय विशेष बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए ,नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी
सुबह और शाम नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा करें और किसी को बिना बताए गुप्त रूप से मां की पूजा की जानी चाहिए जो भी आपके गुरु द्वारा दिए गये निर्देशानुसार मित्रों गुप्त नवरात्रों में गुप्त रूप से मां दुर्गा और सिद्ध विधा, अष्टलक्ष्मी और उनके रूपों की पूजा की जाती है, 
माघ गुप्त नवरात्रि घट स्थापना मुहूर्त
2 फरवरी 2022 दिन बुधवार
घट स्थापना शुभ मुहूर्त- सुबह 7 बजकर 10 मिनट से सुबह 8 बजकर 02 मिनट तक
ध्यान रहे नादान बालक की कलम से आज बस इतना ही बाकी फिर कभी मित्रों किसी की पुजा या साधना करें बस पुरे मनोयोग से और विश्वास से करे आप सफल जररूर होंगे किसी को राह दिखा सके तो हम अपने कर्म में सफल होंगे बाकी आना जाना तो लगा ही रहेगा ,आप सभी सभी से हमारा एक निवेदन है की रोज कुत्ते की रोटी दे कबुतरो चिड़िया के रोज दाने खिलाये मां बाबा आपको भला करे जय मां बाबा की 🙏🏻🌹
जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश🌹🙏🏻🌹

एक बात हमेशा ध्यान रखें समर्पण से ही सभी को साधा जाता है,,

आप सभी मित्रों को जय मां जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश,, #शाबरमंत्र #वैदिकमंत्र अन्य मंत्र साधनाएं मित्रों यह ब्लॉग हमने आमजन ...

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