Sunday, July 12, 2015

रसोईघर के लिए वास्तु टिप्स

रसोईघर के लिए वास्तु टिप्स –
घर में अच्छे स्वास्थ्य और उर्जा के लिए वास्तु उन्मुख एक रसोई
घर का एक बहुत महत्वपूर्ण महत्व है. रसोईघर के डिजाइन
और वहा उपयोग में आने वाले सामान को जमाने के लिए कुछ वास्तु
दिशा निर्देश / टिप्स .
रसोईघर का स्थान
रसोई घर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान आग्नेय कोण यानि दक्षिण
पूर्वी दिशा है जो कि अग्नि का स्थान होता हैं,
दक्षिण
पूर्व दिशा के बाद, दूसरी वरिएता का उपयुक्त स्थान
उत्तर पश्चिम दिशा है |
रसोईघर में सामान रखने के उपयुक्त स्थान
कुकिंग स्टोव, गैस का चूल्हा या कुकिंग रेंज रसोई घर के दक्षिण
पूर्वी कोने में होना चाहिए| यह स्टोव इस तरह से
रखा जाना चाहिए जिससे की खाना बनाने वाला व्यक्ति,
खाना बनाते वक्त पूर्व का सामना करे.
पानी के भंडारण, आर ओ, पानी फिल्टर
और
इसी तरह के अन्य सामानों के लिए
जहा पानी संग्रहीत किया जाता है,
उपयुक्त जगह उत्तर पूर्व दिशा हें.
पानी के सिंक के लिए जगह उत्तर पूर्व में
होनी चाहिए.
बिजली के सामान के लिए, दक्षिण पूर्व या दक्षिण
दिशा है.
फ्रिज पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण पूर्व या दक्षिण पश्चिम दिशा में
रखा जा सकता है.
खाना पकाने में इस्तेमाल किये जाने वाली वस्तुए,
अनाज,
मसाले, दाल, तेल, आटा और अन्य खाद्य सामग्रियों, बर्तन,
क्रॉकरी इत्यादि के भंडारण के लिए स्थान पश्चिम
या दक्षिण दिशा में बनाना चाहिए.
वास्तु अनुसार रसोई घर की कोई दिवार शौचालय
या बाथरूम
के साथ
लगी नहीं होनी चाहिए
और
रसोईघर, शौचालय और बाथरूम के नीचे या ऊपर
भी नहीं होना चाहिए.
रसोई का दरवाजा उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में खुलना चाहिए.
खिड़किया और हवा वाहर फेखने वाला पंखा (exhaust fan)
पूर्व
में होना चाहिए, यह उत्तरी दीवार में
भी लगाया जा सकता है.
रसोई घर में पूजा का स्थान यथा संभव
नहीं होना चाहिए.
खाने की मेज को रसोई घर में
नहीं रखा जाना चाहिए और
रखनी पड़ती हें तो यह उत्तर पश्चिम
दिशा में रखा जाना चाहिए और भोजन करते समय चेहरा पूर्व
या उत्तर
की देखते होना अच्छा है

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