Monday, June 22, 2015

गोरक्ष गायत्री मंत्र

गोरक्ष गायत्री मंत्र
सत नमो आदेश | गुरूजी को आदेश | ॐ गुरूजी ॐकारे शिव रूपी संध्या ने साध रूपी मध्याने हंस रूपी हंस - परमहंस द्वि अक्षर गुरु तो गोरक्षकाया तो गायत्री ॐ तो ब्रह्मा सोहं तो शक्ति, शून्य तो माता, अवगति पिता, अभय पंथ अचल पदवी निरंजन गोत्र अलील वर्ण विहंगम जाति असंखप्रवर अनंत शाखा सूक्ष्म वेद, आत्म ज्ञानी श्री ॐ गो गोरक्षनाथाय विघ्नहे शून्य पुत्राय धी मही तन्नो - गोरक्ष निरंजन प्रचोदयात, इतना गोरक्ष गायत्री पठ्यन्ते हरते पाप श्रूयते सिद्धि निश्चय | जपन्ते परम ज्ञान अमृतानंद मनुष्याते || नाथजी गुरूजी को आदेश | आदेश |
ॐ ह्रीं श्रीं हुं फट स्वाहा: ||
ॐ ह्रीं श्रीं गो गोरक्ष हुं फट स्वाहा: ||
ॐ ह्रीं श्रीं गो गोरक्ष निरंजनात्मने हुं फट स्वाहा: ||

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