Saturday, June 20, 2015

नव-नाथ-स्मरण

नव-नाथ-स्मरण

“आदि-नाथ ओ स्वरुप, उदय-नाथ उमा-महि-रुप। 
जल-रुपी ब्रह्मा सत-नाथ, रवि-रुप विष्णु सन्तोष-नाथ। 
हस्ती-रुप गनेश भतीजै, ताकु कन्थड-नाथ कही जै। 
माया-रुपी मछिन्दर-नाथ, चन्द-रुप चौरङ्गी-नाथ। 
शेष-रुप अचम्भे-नाथ, वायु-रुपी गुरु गोरख-नाथ। 
घट-घट-व्यापक घट का राव, अमी महा-रस स्त्रवती खाव। 
ॐ नमो नव-नाथ-गण, चौरासी गोमेश। 
आदि-नाथ आदि-पुरुष, शिव गोरख आदेश।
 ॐ श्री नव-नाथाय नमः।।”

विधिः- उक्त स्मरण का पाठ प्रतिदिन करे। इससे पापों का क्षय होता है, मोक्ष की प्राप्ति होती है। सुख-सम्पत्ति-वैभव से साधक परिपूर्ण हो जाता है। २१ दिनों तक २१ पाठ करने से इसकी सिद्धि होती है।

No comments:

Post a Comment

#तंत्र #मंत्र #यंत्र #tantra #mantra #Yantra
यदि आपको वेब्सायट या ब्लॉग बनवानी हो तो हमें WhatsApp 9829026579 करे, आपको हमारी पोस्ट पसंद आई उसके लिए ओर ब्लाँग पर विजिट के लिए धन्यवाद, जय माँ जय बाबा महाकाल जय श्री राधे कृष्णा अलख आदेश 🙏🏻🌹

गुप्त नवरात्रि कब से है ओर आईये जानते है इसके बारे मे

गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त रूप से देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों को ‘शक्ति’ के रूप में जाना जाता है। गुप्त नवरात्रि के पीछे मुख्य  कारण क्य...

DMCA.com Protection Status